Bajaj Auto के शेयरों में 1 अक्टूबर 2026 को **9%** तक की भारी गिरावट देखी गई। कंपनी की सितंबर में घरेलू बिक्री **9%** घट गई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि मैनेजमेंट ने इसे सप्लाई चेन की समस्या बताया है और अक्टूबर में रिकवरी का भरोसा दिया है।
गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को बजाज ऑटो के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई। सितंबर महीने के सेल्स आंकड़े जारी होने के बाद इंट्राडे में शेयर 6% से 9% तक टूट गए। कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर कुल बिक्री में 5% की बढ़त के साथ 538,443 यूनिट्स दर्ज कीं, लेकिन यह आंकड़े उस उम्मीद से कम रहे जो मार्केट ने फेस्टिव सीजन के पहले लगाए थे।
घरेलू बाजार में कमजोरी और एक्सपोर्ट का सहारा
निवेशकों की मुख्य चिंता घरेलू बाजार को लेकर है। कंपनी की डोमेस्टिक सेल्स 9% गिरकर 294,456 यूनिट्स पर आ गई। इसमें भी टू-व्हीलर सेगमेंट में 12% की बड़ी गिरावट देखने को मिली। राहत की बात यह रही कि कंपनी का एक्सपोर्ट 32% उछलकर 243,987 यूनिट्स रहा, जिसने कुल आंकड़ों को संभाला। फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में कंपनी ने कुल 24% वॉल्यूम ग्रोथ दिखाई है, जिसमें एक्सपोर्ट की 47% बढ़ोतरी का अहम योगदान है।
मैनेजमेंट का पक्ष: सप्लाई की दिक्कतें
ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि सेल्स में गिरावट की वजह डिमांड की कमी नहीं, बल्कि ऑपरेशनल मुश्किलें हैं। लॉजिस्टिक्स और कल-पुर्जों की कमी ने खास तौर पर 'चेतक' (Chetak) इलेक्ट्रिक और कुछ चुनिंदा मोटरसाइकिलों के प्रोडक्शन को प्रभावित किया है। कंपनी ने अब अक्टूबर में 570,000 यूनिट्स से ज्यादा प्रोडक्शन का लक्ष्य रखा है ताकि त्योहारी सीजन की डिमांड को पूरा किया जा सके।
आगे क्या होगा?
अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या यह कमजोरी सिर्फ सप्लाई चेन तक सीमित है या डिमांड सच में सुस्त हो रही है। चैनल इन्वेंट्री और डीलर्स के पास स्टॉक का दबाव आने वाले समय में होलसेल नंबर्स पर असर डाल सकता है। इसके अलावा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें (Brent Crude) और मार्जिन पर दबाव भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
