Bajaj Auto अपनी छठी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए जगह की तलाश कर रही है। प्रीमियम मोटरसाइकिल और इलेक्ट्रिक व्हीकल की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अब वॉल्यूम के बजाय प्रॉफिट मार्जिन पर ज्यादा फोकस कर रही है, भले ही एंट्री-लेवल बाइक्स की बिक्री में **24%** की गिरावट आई हो।
डिमांड पूरी करने की चुनौती
Bajaj Auto अपनी छठी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की तलाश में है ताकि कंपनी की प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाई जा सके। कंपनी फिलहाल हाई-वैल्यू प्रीमियम मोटरसाइकिल और Chetak इलेक्ट्रिक स्कूटर की जबरदस्त मांग को पूरा करने के लिए जूझ रही है। अभी कंपनी की मौजूदा क्षमता पूरी तरह से प्रीमियम और इलेक्ट्रिक सेगमेंट के ऑर्डर को पूरा करने में लगी है, जो कि कंपनी की ग्रोथ का नया इंजन बन चुके हैं।
मार्जिन की सुरक्षा पर जोर
कंपनी ने एक बड़ा रणनीतिक बदलाव किया है। फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में कंपनी की एंट्री-लेवल (150cc से कम) मोटरसाइकिल सेगमेंट में सेल्स वॉल्यूम 24% गिर गया है। हालांकि, मैनेजमेंट ने इसे सोच-समझकर लिया गया फैसला बताया है। Hero MotoCorp और Honda Motorcycle & Scooter India जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्राइस वॉर में उलझने के बजाय, Bajaj Auto ने अपने मुनाफे (Profit Margin) को सुरक्षित रखने को प्राथमिकता दी है।
कम्यूटर सेगमेंट में वापसी की कोशिश
प्रीमियम बाइक्स पर फोकस के बावजूद कंपनी अपने पारंपरिक कम्यूटर बिजनेस को भी नहीं छोड़ रही है। 125cc और 150cc कैटेगरी में प्रोडक्ट्स पुराने पड़ने के कारण सेल्स प्रभावित हुई थी, जिसे सुधारने के लिए कंपनी ने नए मॉडल उतारे हैं। इसके अच्छे नतीजे भी दिख रहे हैं, जहाँ फेस्टिव सीजन की पहली छमाही में 125cc सेगमेंट की कुल बिक्री में नए मॉडल्स का योगदान 33% तक पहुंच गया है, जो अगस्त में सिर्फ 7% था।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी इस नए प्लांट पर कितना कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) करती है और यह उसके कैश फ्लो को कैसे प्रभावित करता है।
