टू-व्हीलर बिक्री में बदलता ट्रेंड
भारतीय मोटरसाइकिल बाज़ार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ग्राहक अब ज़्यादा पावरफुल और प्रीमियम मॉडल्स को तरजीह दे रहे हैं। 125cc या उससे ज़्यादा इंजन कैपेसिटी वाली बाइक्स की मार्केट में हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। आंकड़े बताते हैं कि फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले दस महीनों में यह हिस्सा बढ़कर 26% तक पहुंच गया है, जो कि फाइनेंशियल ईयर 2020 में 22.1% था। यह पिछले पांच सालों का सबसे ऊंचा स्तर है। इस ट्रेंड के पीछे लोगों की बढ़ती आकांक्षाएं (aspirations) और GST में कटौती जैसी वजहों से बढ़ी affordability बड़ा कारण है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में, प्रीमियम सेगमेंट का कुल बिक्री में 24.4% योगदान था। हालांकि, 125cc से कम इंजन वाली एंट्री-लेवल बाइक्स अब भी बाज़ार पर हावी हैं (लगभग 73% हिस्सेदारी के साथ), लेकिन 150-350cc रेंज की बाइक्स की मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है।
कंपनियों के बीच मार्केट शेयर की जंग
इस बदलते बाज़ार के समीकरण का सीधा असर कंपनियों की मार्केट शेयर पर दिख रहा है। Royal Enfield, जो अपनी क्लासिक और दमदार बाइक्स के लिए जानी जाती है, ने 125cc+ सेगमेंट में अपनी हिस्सेदारी 27% (FY20) से बढ़ाकर 32% (FY26 के पहले नौ महीने) कर ली है। वहीं, TVS Motor का शेयर भी 15% से बढ़कर 19% हो गया है। लेकिन, यह बढ़ोतरी Bajaj Auto के लिए चिंता का सबब बन गई है। Bajaj Auto का इस प्रीमियम सेगमेंट में मार्केट शेयर 32% से घटकर सिर्फ 22% रह गया है। यह साफ दिखाता है कि Bajaj Auto इस दौड़ में अपने Competitors से पिछड़ रही है।
Bajaj Auto के लिए चुनौतियां
Bajaj Auto के लिए प्रीमियम मोटरसाइकिल सेगमेंट में घटता मार्केट शेयर एक बड़ी चुनौती है, खासकर जब कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹70,000 करोड़ का है और P/E रेश्यो 35x के आसपास है। ऐसा लग रहा है कि कंपनी का कोर ICE (Internal Combustion Engine) मोटरसाइकिल पोर्टफोलियो, प्रीमियम सेगमेंट में अपने तेज़ तर्रार Competitors से पिछड़ रहा है। Royal Enfield और TVS Motor ने इस सेगमेंट में बेहतर प्रोडक्ट डेवलपमेंट और मार्केटिंग स्ट्रेटेजी का प्रदर्शन किया है, जिससे वे बढ़ती डिमांड का फायदा उठा पा रहे हैं। वहीं, Bajaj Auto के हालिया प्रीमियम ऑफर्स उतने असरदार नहीं दिखे, जिसकी वजह से वे 10% मार्केट शेयर खो चुके हैं। इसके अलावा, स्टील, एल्यूमीनियम और रबर जैसी कमोडिटी की बढ़ती कीमतें सभी निर्माताओं के लिए मार्जिन पर दबाव बना सकती हैं, खासकर उन कंपनियों के लिए जिन्हें मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नए प्रोडक्ट्स पर भारी निवेश करना पड़ रहा है।
आगे का रास्ता
विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। Royal Enfield और TVS Motor को लेकर ज़्यादातर पॉजिटिव हैं, हालांकि उनकी वैल्यूएशन को लेकर कुछ चिंताएं भी हैं। Bajaj Auto के लिए आउटलुक ज़्यादा सतर्क है, खासकर प्रीमियम सेगमेंट में उनकी कॉम्पिटिटिव पोजीशनिंग को लेकर। हालांकि, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में Bajaj Auto की कोशिशों पर नज़र रखी जा रही है। यह प्रीमियम ब्रांड्स की ओर झुकाव आगे भी जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन बाज़ार में सफल होने के लिए कंपनियों को इस हाई-मार्जिन, हाई-एस्पिरेशन सेगमेंट में इनोवेशन और एग्जीक्यूशन पर ज़ोर देना होगा।