ऑटो इंडस्ट्री पर मंडराए संकट के बादल
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाओं ने भारत के दोपहिया वाहन बाजार में एक बड़ा मोड़ ला दिया है। इसके चलते कंज्यूमर सेंटीमेंट कमजोर हुआ है, सप्लाई चेन में दिक्कतें बढ़ी हैं और रिटेल कीमतें भी बढ़ी हैं। इसी वजह से मोटरसाइकिल सेगमेंट की ग्रोथ का अनुमान चौथी तिमाही (FY26) में 20% से घटाकर अब 7-9% रहने की उम्मीद है। अप्रैल महीने में इंडस्ट्री में मंदी देखी गई, जो आगे भी जारी रह सकती है।
प्रीमियम और EV पर Bajaj Auto का फोकस
Bajaj Auto इन दबावों से निपटने के लिए अपने प्रीमियम 150cc-plus मोटरसाइकिल सेगमेंट पर खास जोर दे रही है। यह सेगमेंट इंडस्ट्री की ग्रोथ से दोगुना तेजी से बढ़ रहा है, और Bajaj Auto इसमें मजबूत स्थिति में है।
साथ ही, लगातार बढ़ती फ्यूल कीमतों और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को लेकर बढ़ती जागरूकता के चलते कंज्यूमर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की ओर रुख कर रहे हैं। Bajaj Auto का Chetak इलेक्ट्रिक स्कूटर इस ट्रेंड का एक बड़ा उदाहरण है, जिसकी बिक्री अप्रैल में 60% से अधिक बढ़ी है। पिछले क्वार्टर में इसकी बिक्री 40% और फरवरी में 32% बढ़ी थी।
अप्रैल 2024 में, Bajaj Auto ने घरेलू बाजार में 2,10,063 दोपहिया यूनिट बेचे, जो पिछले साल की तुलना में 11% ज्यादा है। कंपनी की कुल बिक्री 5,13,792 यूनिट रही, जो पिछले साल के मुकाबले 40% की जोरदार बढ़ोतरी है। कंपनी के एक्सपोर्ट्स में भी 78% की भारी उछाल आई, जो 2,29,890 यूनिट तक पहुंच गया।
कॉम्पिटिशन और वैल्यूएशन में Bajaj Auto
Bajaj Auto का पिछले बारह महीनों (TTM) का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो लगभग 31.6 है, जिससे इसकी मार्केट कैप लगभग ₹2.8 लाख करोड़ है। यह Hero MotoCorp (P/E 19.4, मार्केट कैप ₹1.02 लाख करोड़) से काफी ज्यादा है। वहीं, TVS Motor Company का P/E 57.3 और मार्केट कैप ₹1.66 लाख करोड़ है, जो खासकर इसके EV बिजनेस को लेकर निवेशकों की उम्मीदें दिखाता है।
अप्रैल में Hero MotoCorp ने 5.32 लाख यूनिट (84.5% YoY ग्रोथ) बेचे, TVS Motor ने लगभग 3.48-3.86 लाख यूनिट (~7% YoY ग्रोथ) बेचे, जबकि Bajaj Auto की डोमेस्टिक टू-व्हीलर बिक्री 2.10 लाख यूनिट (11% YoY ग्रोथ) रही। पिछले महीने की तुलना में अप्रैल में सभी प्रमुख निर्माताओं की बिक्री में गिरावट देखी गई।
संभावित खतरे और वैल्यूएशन चिंताएं
पश्चिम एशिया का संकट गंभीर जोखिम पैदा कर रहा है। प्रोपेन और एथिलीन जैसे प्रमुख कच्चे माल की कमी और कमोडिटी की बढ़ती कीमतों से प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ रही है। इससे पहले के GST रेट कट से मिले 30-40% फायदे का असर खत्म हो रहा है, जिससे रिटेल कीमतें बढ़ रही हैं। ग्लोबल लॉजिस्टिक्स पर भी दबाव है, जिससे शिपिंग टाइम और फ्रेट कॉस्ट बढ़ रही है, जो एक्सपोर्ट वॉल्यूम को प्रभावित कर सकती है। एंट्री-लेवल मोटरसाइकिल सेगमेंट, जो बाजार का आधार है, इस कमजोर मांग के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है।
Bajaj Auto का मौजूदा P/E रेशियो 31.6 इसके 10 साल के औसत 19.9 से काफी ऊपर है। यह बताता है कि कंपनी का वैल्यूएशन लगातार उच्च ग्रोथ पर निर्भर है, जिस पर मौजूदा आर्थिक और भू-राजनीतिक दबावों से खतरा हो सकता है।
एनालिस्ट की राय और इंडस्ट्री की भविष्यवाणियां
एनालिस्ट आम तौर पर Bajaj Auto को लेकर पॉजिटिव हैं और 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं। हालांकि, 12 महीने के लिए औसत प्राइस टारगेट ₹9,800 से ₹10,137 के बीच है, जो मौजूदा ट्रेडिंग लेवल से लगभग 0.78% की सीमित अपसाइड का संकेत देता है। कुछ एनालिस्ट टारगेट में गिरावट की भी संभावना जता रहे हैं।
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने FY27 के लिए ग्रोथ का अनुमान लगाया है, लेकिन प्रोडक्शन, कीमतों और मांग पर असर डालने वाली भू-राजनीतिक स्थिति की निगरानी पर जोर दिया है।
