EV दिग्गज BYD के पहले छमाही के नतीजों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चीन के घरेलू बाजार में जारी प्राइस वॉर के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट **20.5%** गिरकर **12.3 बिलियन युआन** पर आ गया है, जिसने ग्लोबल निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) निर्माता कंपनी BYD ने साल 2026 की पहली छमाही के लिए अपने निराशाजनक नतीजे पेश किए हैं। जनवरी से जून की अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 20.5% घटकर 12.3 बिलियन युआन (करीब $1.83 बिलियन) रह गया है। वहीं, रेवेन्यू में भी 7.1% की गिरावट देखी गई है, जो कुल 344.8 बिलियन युआन रहा।
प्राइस वॉर की मार
कंपनी के मुनाफे में गिरावट की सबसे बड़ी वजह चीन के घरेलू बाजार में चल रही भीषण प्राइस वॉर है। मार्केट शेयर बचाने के लिए BYD ने आक्रामक डिस्काउंटिंग का सहारा लिया, जिससे हर गाड़ी पर मिलने वाला मुनाफा काफी कम हो गया है। मार्जिन पर यह दबाव केवल हालिया नहीं है, बल्कि पहली तिमाही से ही कंपनी के आंकड़ों में साफ झलक रहा है।
एक्सपोर्ट से उम्मीदें
घरेलू बाजार में मिल रही कड़ी टक्कर को देखते हुए, अब कंपनी का पूरा जोर इंटरनेशनल एक्सपेंशन पर है। यूरोप और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में BYD की बिक्री में तेजी देखी गई है। कंपनी का मानना है कि ग्लोबल स्तर पर बढ़ती बिक्री उसे चीन के उन मुश्किल हालातों से उबारने में मदद करेगी, जहां Geely, Xiaomi और Leapmotor जैसे ब्रांड्स के साथ उसका कड़ा मुकाबला है।
आगे की राह
निवेशकों के सामने अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह डिस्काउंट मॉडल सस्टेनेबल है? कंपनी को एक तरफ R&D में भारी निवेश करना है ताकि उसकी टेक्नोलॉजी में बढ़त बनी रहे, तो दूसरी तरफ घटते प्रॉफिट मार्जिन को भी संभालना है। भविष्य में कंपनी के मार्जिन की स्थिरता और एक्सपोर्ट से होने वाली कमाई पर बाजार की नजरें टिकी रहेंगी।
