BMW ने कंपनी की कार्यक्षमता बढ़ाने और लागत कम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया है। मिड-2025 तक कंपनी अपने **20%** सीनियर मैनेजमेंट पदों को खत्म करने जा रही है।
छंटनी का प्लान और AI का इस्तेमाल
BMW AG ने बड़ा ऐलान किया है कि साल 2025 के मध्य तक वह अपने सीनियर मैनेजमेंट की संख्या में 20% की कटौती करेगी। कंपनी कुल 465 पदों में से करीब 100 पदों को हटाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करेगी। इसका मुख्य मकसद कंपनी के फैसलों को तेज करना और कॉर्पोरेट जटिलता को खत्म करना है। इस बड़े बदलाव के जरिए कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 8% से 10% का ऑटोमोटिव प्रॉफिट मार्जिन हासिल करना है।
क्यों लिया गया यह सख्त कदम?
बीते जून में कंपनी ने एक प्रॉफिट वार्निंग जारी की थी, जिसमें मार्जिन के 1% तक गिरने की आशंका जताई गई थी। कंपनी पर चीन के मार्केट में BYD जैसी कंपनियों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा का भारी दबाव है। इस मैनेजमेंट-लेवल कटौती के अलावा, BMW दुनिया भर में अपने कुल वर्कफोर्स के 5% यानी लगभग 8,000 कर्मचारियों की भी छंटनी करने वाली है।
लग्जरी सेगमेंट पर फोकस
लागत कम करने के साथ-साथ कंपनी अपने पोर्टफोलियो को भी रिफाइन कर रही है। BMW अब 2-Series Active Tourer और 3-Series के डीजल वेरिएंट जैसे मॉडल्स को बंद कर सकती है। कंपनी का ध्यान अब प्रीमियम और अल्ट्रा-लक्जरी गाड़ियों पर है, ताकि वे सीधे तौर पर Mercedes-Benz Maybach जैसी कारों को टक्कर दे सकें।
निवेशकों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह रिस्ट्रक्चरिंग प्लान कंपनी के गिरते मुनाफे को थामने में सफल होता है या नहीं।
