BMW India ने अपनी नई i5 Long Wheelbase इलेक्ट्रिक सेडान को भारतीय बाजार में उतारा है। चेन्नई प्लांट में तैयार हुई यह कार **₹79.60 लाख** की एक्स-शोरूम कीमत पर उपलब्ध है। जहां कंपनी का ईवी पोर्टफोलियो तेजी से बढ़ रहा है, वहीं ग्लोबल मार्केट में मार्जिन पर दबाव निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
BMW Group India ने अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल पोर्टफोलियो को विस्तार देते हुए स्थानीय स्तर पर निर्मित i5 Long Wheelbase (LWB) को पेश किया है। चेन्नई प्लांट में असेंबल की गई इस कार के प्रति दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके 99 यूनिट वाले 'फर्स्ट एडिशन' की प्री-लॉन्च बुकिंग पूरी तरह सोल्ड आउट हो चुकी है।
परफॉर्मेंस और स्पेसिफिकेशन्स
यह कार प्रीमियम और हाई-टेक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की मांग को पूरा करने के लिए लाई गई है। इसमें 81.6 kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जो एक बार चार्ज करने पर 669 किमी (MIDC) की शानदार रेंज देने का दावा करता है। यह महज 6.7 सेकंड में 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है।
मजबूत सेल्स परफॉर्मेंस
भारतीय बाजार में कंपनी की स्थिति फिलहाल काफी मजबूत है। 2026 की पहली छमाही में कंपनी ने 9,075 गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल के मुकाबले 17% अधिक है। खास बात यह है कि कंपनी की कुल बिक्री में ईवी का योगदान 26% तक पहुंच गया है। इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में सालाना आधार पर 78% का जबरदस्त उछाल देखा गया है, जो 2,359 यूनिट्स पर पहुंच गई है।
ग्लोबल चुनौतियां और वित्तीय रिस्क
भारत में सफलता के बावजूद BMW Group के लिए वैश्विक स्तर पर राहें आसान नहीं हैं। पैरेंट कंपनी ने 2026 के लिए अपने ग्लोबल EBIT मार्जिन गाइडेंस को 4-6% से घटाकर 1-3% कर दिया है। चीन के कमजोर बाजार और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं का सीधा असर मुनाफे पर पड़ रहा है।
भारत में भी ऑटो सेक्टर लागत के दबाव से जूझ रहा है। यूरो के मुकाबले रुपये की गिरावट और रॉ मटेरियल की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनी को अप्रैल और जुलाई में 2% तक दाम बढ़ाने पड़े थे। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी बढ़ती ऑपरेशनल कॉस्ट और ग्लोबल मंदी के बीच भारत में अपना प्रॉफिट मार्जिन कैसे बनाए रखती है।
