BMW India ने 2026 में चौथी बार अपने BMW और MINI मॉडल्स की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है। रुपये में गिरावट और यूरो के मुकाबले कमजोरी के चलते कंपनी के मार्जिन पर दबाव है। हालांकि, कंपनी **20,000** से ज्यादा यूनिट्स बेचने के अपने लक्ष्य पर कायम है।
मुनाफे पर दबाव और बढ़ती लागत\n\nलक्जरी कार बाजार में चुनौतियों का दौर जारी है। BMW India ने बताया कि भारतीय रुपये की यूरो के मुकाबले लगातार कमजोरी और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत के चलते उन्हें कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। 2026 में यह चौथी बार है जब कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी की है, और अब तक कुल 5% तक दाम बढ़ चुके हैं।\n\n### मार्जिन पर सीधा असर\n\nकंपनी के मुताबिक, रुपये में ₹1 की गिरावट सीधे तौर पर उनके मुनाफे यानी मार्जिन में करीब 1% की कमी लाती है। ग्लोबल स्तर पर भी BMW AG ने जियो-पॉलिटिकल तनाव के चलते अपने आउटलुक में बदलाव किया है।\n\n### चेन्नई प्लांट का मास्टर प्लान\n\nबढ़ती कीमतों के बीच कंपनी अपनी सेल्स स्ट्रैटेजी को मजबूत कर रही है। BMW ने अपनी फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक सेडान i7 की लोकल असेंबली चेन्नई में शुरू कर दी है। जर्मनी के बाहर यह इकलौती ऐसी जगह है जहां इस मॉडल को असेंबल किया जा रहा है। इसका मकसद इंपोर्ट ड्यूटी के असर को कम करना और परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) को बेहतर बनाना है।