Auto Sector: फेस्टिव सीजन से पहले ऑटो सेल्स में बहार, टू-व्हीलर की मांग में भारी उछाल

AUTO
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Auto Sector: फेस्टिव सीजन से पहले ऑटो सेल्स में बहार, टू-व्हीलर की मांग में भारी उछाल

भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अगस्त 2026 के दौरान शानदार ग्रोथ देखने को मिली है। टू-व्हीलर सेल्स **18-20%** और पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री में **9-10%** का इजाफा हुआ है।

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार फेस्टिव सीजन के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है। अगस्त के आंकड़ों पर गौर करें तो दक्षिण भारत में ओणम के दौरान हुई अच्छी बिक्री ने पैसेंजर व्हीकल्स की रिटेल मांग को 20% तक ऊपर खींच दिया है।

टू-व्हीलर में सबसे ज्यादा तेजी

टू-व्हीलर सेगमेंट में 18-20% की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई है। प्रीमियम बाइक्स और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए पूछताछ (Inquiries) में 10-12% का इजाफा हुआ है। डीलर्स के पास फिलहाल करीब 4 हफ्ते की इन्वेंट्री मौजूद है, ताकि फेस्टिव डिमांड को पूरा किया जा सके।

EV और CNG की ओर बढ़ा रुझान

बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां ग्राहकों की रुचि क्लीन फ्यूल यानी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) और CNG मॉडल्स की तरफ बढ़ी है। इन दोनों सेगमेंट में पूछताछ 30% से ज्यादा बढ़ गई है। 2026 के पहले आठ महीनों में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल का रजिस्ट्रेशन 212,191 यूनिट्स तक पहुंच चुका है, जो साल 2025 के कुल आंकड़े को पार कर गया है।

सप्लाई की चुनौती और वेटिंग पीरियड

डिमांड तो काफी मजबूत है, लेकिन सप्लाई चेन की दिक्कतें अब भी बरकरार हैं। Maruti Suzuki, Hyundai और Tata Motors जैसे दिग्गजों के पॉपुलर SUV मॉडल्स के लिए ग्राहकों को 3 से 4 महीने का इंतजार करना पड़ रहा है।

कमर्शियल व्हीकल और आगे का रास्ता

मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में 14-16% की ग्रोथ दिख रही है। नवंबर 2026 से दिल्ली-NCR में BS4 कमर्शियल व्हीकल्स पर प्रतिबंध लगने की आहट से फ्लीट ऑपरेटर्स अपनी पुरानी गाड़ियां बदलकर नई गाड़ियां खरीद रहे हैं। हालांकि, निवेशकों को कमोडिटी की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी होगी, क्योंकि इससे मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.