Auto Sector Update: ऑटो सेल्स में **16%** का उछाल, लेकिन ट्रैक्टर मार्केट की सुस्ती ने बढ़ाई चिंता

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AuthorAditya Rao|Published at:
Auto Sector Update: ऑटो सेल्स में **16%** का उछाल, लेकिन ट्रैक्टर मार्केट की सुस्ती ने बढ़ाई चिंता

सितंबर में पैसेंजर व्हीकल (PV) की रिटेल सेल्स में **15-16%** की जबरदस्त ग्रोथ का अनुमान है। शहरी मांग और नए लॉन्च से सेक्टर गुलजार है, लेकिन असमान मानसून की मार से ट्रैक्टर सेगमेंट फिलहाल सुस्त पड़ा हुआ है।

शहरों में डिमांड का जलवा

ऑटो सेक्टर के लिए सितंबर का महीना काफी शानदार रहने की उम्मीद है। शहरी इलाकों में नए मॉडल्स और फेस्टिव ऑफर्स के चलते पैसेंजर व्हीकल की बिक्री 15-16% तक बढ़ने का अनुमान है। खासतौर पर CNG-AMT मॉडल्स की जबरदस्त मांग है, जो ग्राहकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। इनपुट कॉस्ट के दबाव को कम करने के लिए कंपनियों ने 0.3% से 0.4% तक की मामूली प्राइस हाइक की है, जिसका असर फिलहाल ग्राहकों के सेंटीमेंट पर नहीं पड़ा है।

ग्रामीण भारत की चुनौती और ट्रैक्टर मार्केट

शहरी चमक के उलट ग्रामीण इलाकों में सुस्ती साफ देखी जा रही है। असमान मानसून की वजह से उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत में खेती पर असर पड़ा है, जिससे ग्रामीण इलाकों में टू-व्हीलर की बिक्री केवल 8-10% के दायरे में है। इसका सबसे बुरा असर ट्रैक्टर सेगमेंट पर पड़ा है, जहां ग्रोथ या तो फ्लैट है या फिर सिंगल डिजिट में सिमट गई है। ग्रामीण सेंटीमेंट में सुधार के बिना ट्रैक्टर कंपनियों के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण रह सकता है।

फेस्टिव सीजन की तैयारी और इन्वेंट्री

त्योहारी सीजन को देखते हुए ऑटो कंपनियां अब स्टॉक जमा कर रही हैं। डीलरों के पास इन्वेंट्री लेवल 20-22 दिन से बढ़कर अब करीब 30 दिन तक पहुंच गया है। इसके पीछे अक्टूबर में होने वाली 1% से 2% की संभावित प्राइस बढ़ोतरी भी एक बड़ी वजह है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या त्योहारी सीजन में शहरी डिमांड का दम बरकरार रहेगा या ग्रामीण सुस्ती का असर कंपनियों के मार्जिन पर भारी पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.