त्योहारी सीजन की शुरुआत में ऑटो सेक्टर के लिए निराशाजनक आंकड़े सामने आए हैं। नवरात्रि के दौरान देश में व्हीकल रिटेल सेल्स **6.52%** घटकर **11.2 लाख** यूनिट्स रह गई, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) ने **26.78%** की दमदार ग्रोथ दर्ज की है।
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए इस साल नवरात्रि की शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण रही। FADA (Federation of Automobile Dealers Associations) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कुल रिटेल बिक्री घटकर 11.2 लाख यूनिट्स पर आ गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 6.52% कम है। उपभोक्ताओं की सतर्कता ने ऑटो बाजार की रफ्तार धीमी कर दी है।
सेगमेंट का हाल और EV का दबदबा
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई, जहां रजिस्ट्रेशन 21.91% गिरकर 1.83 लाख यूनिट्स पर सिमट गए। टू-व्हीलर सेल्स भी 2.79% घटकर 8.34 लाख यूनिट्स रह गई। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) ने बाजी पलट दी है। EV की बिक्री 26.78% उछलकर 1.17 लाख यूनिट्स पहुंच गई है, जिससे इनका मार्केट शेयर 7.7% से बढ़कर 10.5% हो गया है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां: इन्वेंट्री और महंगे लोन
बिक्री में इस गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण पिछले साल का 'हाई बेस' और छोटा त्योहारी सीजन है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि डीलर स्तर पर इन्वेंट्री का लेवल लंबे समय से काफी अधिक बना हुआ है। रिटेल डिमांड कम होने से डीलर्स पर स्टॉक क्लियर करने का दबाव बढ़ेगा, जिसका सीधा असर ऑटो कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ सकता है। इसके अलावा, महंगे लोन की दरों के कारण भी खरीदार बड़ी खरीदारी को टाल रहे हैं।
धनतेरस-दीवाली पर टिकीं नजरें
इंडस्ट्री के दिग्गज अब आने वाले धनतेरस और दीवाली के दिनों पर नजरें टिकाए हुए हैं, जो वाहन बिक्री के लिए सबसे अहम समय माना जाता है। निवेशकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कंपनियां भारी डिस्काउंट्स के जरिए इन्वेंट्री घटाने में सफल हो पाती हैं या नहीं। अगले कुछ हफ्तों का कंज्यूमर सेंटीमेंट ऑटो सेक्टर की आने वाली तिमाहियों की दिशा तय करेगा।
