अगस्त 2026 में ऑटो सेक्टर का मिला-जुला प्रदर्शन रहा। फेस्टिव डिमांड के चलते टू-व्हीलर सेल्स में **18-20%** का उछाल आया है, जबकि कम बारिश के कारण ट्रैक्टर की बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
अगस्त 2026 में भारतीय ऑटो मार्केट में शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला। जहां फेस्टिव सीजन की शुरुआत ने पर्सनल मोबिलिटी को रफ्तार दी है, वहीं एग्रीकल्चर सेक्टर में डिमांड थोड़ी नरम हुई है।
टू-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल की तेज रफ्तार
टू-व्हीलर सेगमेंट अगस्त में सबसे आगे रहा, जहां रिटेल सेल्स में साल-दर-साल 18-20% की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई। ओणम जैसे त्योहारों और 125cc से ऊपर की प्रीमियम मोटरसाइकिलों और इलेक्ट्रिक व्हीकल की बढ़ती मांग ने इसे सपोर्ट किया है। Hero MotoCorp, Bajaj Auto और TVS Motor जैसे बड़े प्लेयर्स को इसका सीधा फायदा मिल रहा है। वहीं, कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी 14-16% की ग्रोथ दिखी है, जिसके पीछे छोटे फ्लीट ऑपरेटर्स की ओर से की जा रही गाड़ियों की अपडेटिंग मुख्य वजह है। दिल्ली-NCR में आने वाले रेगुलेटरी बदलावों के चलते भी लोग पुरानी गाड़ियाँ बदलकर नई और क्लीनर गाड़ियाँ खरीदने पर जोर दे रहे हैं।
मानसून की मार से ट्रैक्टर मार्केट पर असर
दूसरी तरफ, ट्रैक्टर इंडस्ट्री के लिए अगस्त का महीना चुनौतीपूर्ण रहा। फाइनेंशियल ईयर की शुरुआती तेजी के बाद अब इसकी ग्रोथ घटकर 'लो सिंगल डिजिट' पर आ गई है। इसका मुख्य कारण कई इलाकों में अनइवन (असंतुलित) मानसून है, जिसने किसानों की कमाई की उम्मीदों को कम कर दिया है। Mahindra & Mahindra और Escorts Kubota जैसी कंपनियां बिक्री के वॉल्यूम को बरकरार रखने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन ग्रोथ की रफ्तार कम हुई है। फिलहाल कंपनियां खरीफ सीजन को देखते हुए कीमतों को संतुलित रखने पर ध्यान दे रही हैं। निवेशकों के लिए सितंबर और अक्टूबर के फेस्टिव सीजन और मानसून के आखिरी डेटा पर नजर रखना जरूरी होगा।
