Audi India की नई रणनीति: 'Used Car' पर फोकस
Audi India के हेड बलबीर सिंह ढिल्लों के मुताबिक, कंपनी का ग्रोथ मॉडल पुराने और लॉयल ग्राहकों पर काफी निर्भर करता है। लगभग एक तिहाई खरीदार ऐसे हैं जो पहले भी Audi की गाड़ियां खरीद चुके हैं। नई गाड़ियों की कुल बिक्री में एसयूवी (SUV) सेगमेंट का दबदबा है, जो करीब 60% है। Q3, Q5, Q7, और Q8 जैसी एसयूवीज़ लग्जरी सेगमेंट में ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
नई कारों की कीमतें बनीं सिरदर्द, प्री-ओन्ड सेगमेंट में तेज़ी
लग्जरी कार मार्केट के लिए एक बड़ी चुनौती नई गाड़ियों की बढ़ती कीमतें हैं। पिछले पांच सालों में इनपुट कॉस्ट, नई टेक्नोलॉजी, करेंसी में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन की दिक्कतों के चलते लग्जरी गाड़ियों के दाम औसतन 20% तक बढ़ गए हैं। इससे पहली बार लग्जरी कार खरीदने की चाह रखने वाले ग्राहकों के लिए एंट्री पॉइंट काफी महंगा हो गया है।
'वन फॉर वन' की रणनीति
इन सरकमस्टैंसेज को देखते हुए, Audi India ने अपने सर्टिफाइड प्री-ओन्ड (Used Car) बिज़नेस को ग्रोथ का एक प्रमुख इंजन बनाने का फैसला किया है। अब कंपनी हर नई कार की बिक्री के मुकाबले एक पुरानी कार बेच रही है। यह रणनीति न सिर्फ ग्राहकों को एक किफ़ायती लग्जरी कार खरीदने का मौका दे रही है, बल्कि कंपनी को नए खरीदारों को आकर्षित करने में भी मदद कर रही है।
कॉम्पिटिशन और मार्केट का भविष्य
भारतीय लग्जरी कार मार्केट में Audi को BMW और Mercedes-Benz से कड़ी टक्कर मिल रही है। Mercedes-Benz India ने CY25 में 19,007 यूनिट्स की बिक्री के साथ लीड किया, उसके बाद BMW India 18,001 यूनिट्स के साथ रही, जबकि Audi ने 4,510 यूनिट्स बेचीं। हालांकि, लग्जरी कार मार्केट के 2025 में लगभग USD 1.44 बिलियन से बढ़कर 2031 तक USD 1.96 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसकी सालाना ग्रोथ रेट 5.16% रहने का अनुमान है। कंपनी को अपनी EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) स्ट्रेटेजी को भी तेज करना होगा ताकि वह कॉम्पिटिशन में बनी रह सके।