बिक्री और मार्जिन में जोरदार उछाल
कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹3,823 करोड़ की जोरदार कुल आय दर्ज की है। यह पिछले साल के मुकाबले 66% की बढ़ोतरी है। कंपनी की बिक्री में 69% का उछाल आया, जिसके चलते FY26 में 262,942 यूनिट्स की बिक्री हुई। चौथी तिमाही (Q4 FY26) अकेले में कंपनी की आय 76% बढ़कर ₹1,214 करोड़ रही, जबकि यूनिट बिक्री 83,418 यूनिट्स के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची।
कंपनी ने अपनी यूनिट इकोनॉमिक्स में भी सुधार किया है। एडजस्टेड ग्रॉस मार्जिन ₹925 करोड़ तक पहुंच गया, जो FY25 में 19% से बढ़कर 24% हो गया। इन फायदों के चलते कंपनी का EBITDA लॉस घटकर ₹257 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹531 करोड़ था। नेट लॉस भी ₹812 करोड़ से कम होकर ₹517 करोड़ हो गया। इसके बावजूद, कंपनी अभी भी लॉस में है। मई 2025 में IPO के बाद, अप्रैल 2026 तक कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹34,000–₹35,000 करोड़ था।
कॉम्पिटिशन का माहौल और मार्केट शेयर
भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में FY26 में पैठ लगभग 6.5% तक बढ़ी, कुल बिक्री 1.40 मिलियन यूनिट्स रही, जो 21.8% का सालाना इजाफा है। Ather Energy इस तेजी का एक अहम हिस्सा है, लेकिन इसे TVS Motor से कड़ी चुनौती मिल रही है, जिसने FY26 में 341,513 यूनिट्स बेचकर 24.36% मार्केट शेयर हासिल किया। Bajaj Auto 289,349 यूनिट्स के साथ दूसरे नंबर पर रही। वहीं, Ola Electric की बिक्री में भारी गिरावट आई, FY26 में रजिस्ट्रेशन लगभग 164,000 यूनिट्स रहे। Ather Energy का मार्केट शेयर Q4 FY26 में लगभग 18.6% रहा, जो इसे एक मजबूत दावेदार बनाता है लेकिन सेगमेंट लीडर TVS Motor से पीछे है। स्थापित कंपनियाँ अपने ब्रांड और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का फायदा उठा रही हैं।
मुनाफे की राह में रुकावटें बरकरार
शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, Ather Energy को लगातार हो रहे भारी घाटे और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों से जूझना पड़ रहा है। FY26 में नेट लॉस ₹517 करोड़ रहा। ब्रेक-ईवन (लाभ-हानि बराबर) पर पहुंचने के लिए Ather को हर महीने लगभग 50,000 यूनिट्स बेचने की जरूरत है, जो अभी तक लगातार हासिल नहीं हो पाया है। कंपनी की प्रीमियम प्राइसिंग स्ट्रैटेजी, जहाँ स्कूटर ₹1.4 लाख से ₹1.6 लाख के बीच हैं, Ola Electric जैसे प्रतिद्वंद्वियों से लगभग 25% ज्यादा महंगी है। FAME II जैसी सरकारी सब्सिडी घटने से इस प्रीमियम को बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। Q4 FY26 में कुल खर्च बढ़कर ₹1,314 करोड़ हो गया, जिसमें मटेरियल कॉस्ट 69% थी। कंपनी की शुरुआत से ही नेगेटिव कैश फ्लो की स्थिति बनी हुई है, और FY25 में ऑपरेशनल कैश आउटफ्लो बढ़कर $83.8 मिलियन हो गया। FY25 तक इसका कर्ज $100 मिलियन से ऊपर चला गया था। Ather की फैक्ट्री की सालाना क्षमता 400,000 यूनिट्स से ज्यादा है, लेकिन FY26 में केवल 39% क्षमता का इस्तेमाल हुआ।
आगे की योजनाएं और मार्केट आउटलुक
कंपनी अपनी नई EL स्कूटर प्लेटफॉर्म और एडवांस्ड फैक्ट्री 3.0 (जिसकी सालाना क्षमता 1 मिलियन यूनिट्स होगी) के जरिए ऑपरेशंस को बढ़ाने और एफिशिएंसी सुधारने की योजना बना रही है। Ather का लक्ष्य घरेलू प्रीमियम सेगमेंट में अपनी लीडरशिप मजबूत करना और इकोसिस्टम रेवेन्यू शेयर को 40-50% तक बढ़ाना है। इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का मानना है कि Ather को EV ट्रेंड का फायदा मिलेगा, खासकर नए प्रोडक्ट्स के साथ अपने मार्केट को बढ़ाने पर।
