Ather Energy के शेयरों में तूफानी तेजी! पहली बार हुआ EBITDA पॉजिटिव, ₹1,216.9 करोड़ की कमाई

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AuthorAditya Rao|Published at:
Ather Energy के शेयरों में तूफानी तेजी! पहली बार हुआ EBITDA पॉजिटिव, ₹1,216.9 करोड़ की कमाई

Ather Energy ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए **89%** की रेवेन्यू ग्रोथ के साथ **₹1,216.9 करोड़** कमाए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी ने पहली बार **₹9 करोड़** का पॉजिटिव EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) दर्ज किया है।

EBITDA में कैसे आया उछाल?

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजों ने Ather Energy के निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी ने पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में रेवेन्यू में 89% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹1,216.9 करोड़ पर पहुंच गया। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी ने ₹9 करोड़ का पॉजिटिव EBITDA हासिल किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹106 करोड़ का घाटा (Loss) था। यह शानदार नतीजे बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट और बढ़ते स्केल का नतीजा है। कंपनी की व्हीकल डिलीवरी 81% बढ़कर 83,173 यूनिट हो गई।

'रिज़्टा' की धूम और सब्सक्रिप्शन से कमाई

इस प्रदर्शन का एक मुख्य कारण 'रिज़्टा' स्कूटर की जबरदस्त डिमांड रही है। इसके अलावा, सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन और एक्सेसरीज से होने वाली कमाई में भी बढ़ोतरी हुई है, जो अब कुल रेवेन्यू का 14% हिस्सा है। कंपनी बैटरी पैक जैसे अहम कंपोनेंट्स को इन-हाउस डिजाइन करती है, जिससे उसे अपने प्रोडक्ट इकोसिस्टम पर नियंत्रण रहता है और भीड़ भरे बाजार में अपनी पहचान बनाने में मदद मिलती है।

नई फैक्ट्री और स्कूटर प्लेटफॉर्म की तैयारी

Expansion Ather Energy की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का एक अहम हिस्सा है। कंपनी का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर, जो 'EL' प्लेटफॉर्म पर आधारित है, 29 अगस्त, 2026 को लॉन्च होने वाला है। इस डिमांड को पूरा करने के लिए, कंपनी महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में अपनी नई 'फैक्ट्री 3.0' को फाइनल टच दे रही है। इस फैक्ट्री से Q3 FY27 तक प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है, जिसकी शुरुआती सालाना क्षमता 5 लाख यूनिट होगी। इस फैक्ट्री की प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाना कंपनी के डिलीवरी टारगेट के लिए बहुत जरूरी होगा।

वैल्यूएशन और मार्जिन पर जोखिम

इन सकारात्मक संकेतों के बावजूद, निवेशकों को कंपनी के तेज ग्रोथ से जुड़े जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। हालांकि नेट लॉस 71% घटकर ₹51.1 करोड़ हो गया है, लेकिन कंपनी अभी भी नेट प्रॉफिटेबल नहीं है। इसके अलावा, स्टॉक का वैल्यूएशन, जिसका प्राइस-टू-बुक रेशियो अक्सर 13x से ऊपर रहता है, यह दर्शाता है कि बाजार ने पहले से ही मजबूत परफॉर्मेंस की उम्मीदें लगा ली हैं। अगर कंपनी इन टारगेट को पूरा करने में चूकती है, तो स्टॉक में अस्थिरता आ सकती है।

बढ़ती लागत और कड़ी प्रतिस्पर्धा

मार्जिन प्रेशर (Margin Pressure) पर भी नजर रखना जरूरी है। रेयर-अर्थ मैग्नेट और लिथियम-आयन सेल जैसी कमोडिटीज की बढ़ती कीमतें प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने में चुनौती पेश कर रही हैं। कंपनी को TVS Motor, Bajaj Auto और Ola Electric जैसे स्थापित खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में आक्रामक तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। इस प्रतिस्पर्धा के चलते, बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों पर डालना मुश्किल हो सकता है, जिससे मांग प्रभावित हो सकती है।

आने वाले समय में 'फैक्ट्री 3.0' का यूटिलाइजेशन रेट, नए 'EL' प्लेटफॉर्म वाले स्कूटर की मार्केट में स्वीकार्यता, और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन को सुरक्षित रखने की कंपनी की क्षमता, ये सभी अहम फैक्टर रहेंगे। लगातार पॉजिटिव EBITDA बनाए रखते हुए स्केल-अप करना कंपनी की वित्तीय सेहत के लिए सबसे बड़ी परीक्षा साबित होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.