Nomura का भरोसा और ग्रोथ के फैक्टर:
Nomura ने Ather Energy के लिए एक उम्मीद भरा नज़रिया पेश किया है। ब्रोकरेज फर्म ने 'Buy' रेटिंग और ₹1,120 का टारगेट दिया है, जो मौजूदा भाव से करीब 20% की बढ़त का अनुमान लगाता है। Nomura का मानना है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) की मौजूदा डिमांड सप्लाई से कहीं ज्यादा है। बढ़ती फ्यूल प्राइसेस और Ather के स्ट्रेटेजिक प्रोडक्ट डेवलपमेंट को इसके मुख्य कैटेलिस्ट बताया गया है। कंपनी का आने वाला EL प्लेटफॉर्म, जो कि 100-125cc सेगमेंट के लिए डिजाइन किया गया है, Ather के टोटल एड्रेसेबल मार्केट (TAM) को 50% तक बढ़ा सकता है और लागत को भी बेहतर बना सकता है। कंपनी का मैनेजमेंट उम्मीद कर रहा है कि E2W की डिमांड लगातार बढ़ेगी, जिसे रिटेल नेटवर्क के विस्तार और Rizta जैसे नए मॉडलों से और मजबूती मिलेगी।
EL प्लेटफॉर्म और प्रोडक्शन कैपेसिटी:
EL प्लेटफॉर्म का लक्ष्य मार्केट का एक बड़ा हिस्सा, यानी करीब 45% कैप्चर करना है, जो ₹100,000 से ₹125,000 के प्राइस पॉइंट्स पर फोकस करेगा। Nomura को उम्मीद है कि बढ़ते स्केल और ऑपरेटिंग लिवरेज के कारण मार्जिन में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही, भविष्य में मोटरसाइकिल सेगमेंट में उतरने को भी एक बड़े लॉन्ग-टर्म ग्रोथ ऑप्शन के तौर पर देखा जा रहा है। Ather Energy ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) का अंत रिकॉर्ड 262,942 यूनिट्स की बिक्री के साथ किया, जो पिछले साल के मुकाबले 69% ज्यादा है। Q4 FY26 में कंपनी ने 83,418 यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि से 76% अधिक है। कंपनी ने FY26 के अंत तक अपने रिटेल नेटवर्क को दोगुना करके 700 एक्सपीरियंस सेंटर्स तक पहुंचा दिया और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को 6,000 पॉइंट्स से ज्यादा तक फैलाया।
कड़ी कॉम्पिटिशन के बीच स्ट्रगल:
Ather Energy की ग्रोथ के बावजूद, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) मार्केट में कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है। TVS Motor Company अपने iQube के साथ एक मजबूत दावेदार बनकर उभरी है, जिसने जनवरी 2026 में 28% मार्केट शेयर के साथ बिक्री चार्ट में टॉप किया। Bajaj Auto का Chetak भी बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, जिसने Q4 FY25 में 29% मार्केट शेयर हासिल किया और अपने अपडेटेड प्रोडक्ट्स के साथ अच्छी ग्रोथ दिखाई है। Ather Energy का FY26 में मार्केट शेयर लगभग 18.6% रहा और यह जनवरी 2026 की बिक्री में तीसरे स्थान पर थी। Ola Electric, जो कभी मार्केट लीडर थी, अप्रैल 2026 तक पांचवें स्थान पर खिसक गई और Q1 FY26 में उसका शेयर 19.6% था। यह दिखाता है कि ग्राहक अब सिर्फ आक्रामक कीमतों के बजाय विश्वसनीयता और आफ्टर-सेल्स सर्विस को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। अक्टूबर 2025 में, Ather का मार्केट कैपिटलाइजेशन थोड़े समय के लिए Ola से आगे निकल गया था, जो ₹23,601 करोड़ था, जबकि Ola का ₹23,200 करोड़ था। हालांकि, मई 2026 तक Ola का मार्केट कैप $1.60 billion (लगभग ₹133,000 करोड़) तक पहुंच गया था।
मार्जिन पर दबाव और फाइनेंशियल सिचुएशन:
Ather Energy ने FY26 में अपना अब तक का सबसे मजबूत परफॉरमेंस दिखाया, जिसमें रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 66% बढ़कर ₹3,823 करोड़ हो गया। कंपनी का नेट लॉस FY25 के ₹812 करोड़ से घटकर ₹517 करोड़ रह गया। EBITDA मार्जिन में भी काफी सुधार हुआ, जो FY26 में -6.7% रहा, जबकि FY25 में यह -23% था। यह सुधार प्रति यूनिट कॉस्ट में कमी और ऑपरेटिंग लिवरेज के कारण हुआ है। हालांकि, कच्चे माल की कीमतों में लगातार बने रहने वाले दबाव से कंपनी को चुनौती मिल रही है। Q4 FY26 के लिए, Ather ने ₹1,175 करोड़ का रेवेन्यू रिपोर्ट किया, जो पिछले साल से 74% ज्यादा है। EBITDA लॉस भी पिछले साल के ₹173 करोड़ की तुलना में घटकर ₹70 करोड़ रह गया। वहीं, Ola Electric ने ₹2,599 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹2,203 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया। Ather का प्राइस-टू-सेल्स रेशियो, पब्लिक मार्केट पीयर्स और IPO के बाद की वैल्यूएशन के मुकाबले ध्यान से देखने की जरूरत है।
वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय:
06 मई 2025 को IPO आने के बाद, Ather Energy पर एनालिस्ट्स का ध्यान काफी बढ़ा है। Nomura के ₹1,120 के टारगेट के अलावा, अन्य एनालिस्ट्स ने औसतन ₹935.47 (हाई ₹1,150) का प्राइस टारगेट और 'Strong Buy' की कंसेंसस रेटिंग दी है। Emkay Global ने भी ₹1,150 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है। कंपनी अगस्त 2024 में $71.4 million जुटाने के बाद यूनिकॉर्न बनी थी और सितंबर 2024 में $2.5 billion के वैल्यूएशन पर IPO के लिए फाइल किया था। IPO के जरिए ₹2,981 करोड़ जुटाए गए थे, जिनका इस्तेमाल प्रोडक्शन बढ़ाने, R&D और मार्केटिंग के लिए किया जाएगा।
चुनौतियां और रिस्क:
ग्रोथ की कहानी मजबूत होने के बावजूद, Ather Energy के सामने कई बड़े रिस्क बने हुए हैं। जुलाई 2026 के बाद सरकारी सब्सिडी का जारी रहना कंपनी के लिए एक बड़ा संभावित फायदा है, लेकिन यह यह भी दिखाता है कि कंपनी सरकारी नीतियों पर निर्भर है। कड़ी कॉम्पिटिशन के लिए लगातार इनोवेशन और एफिशिएंट स्केलिंग की जरूरत होगी। Ola Electric जैसी कंपनियों का पिछला प्रदर्शन, जिन्होंने आक्रामक विस्तार के बावजूद मार्केट शेयर खो दिया, यह दर्शाता है कि मोमेंटम और विश्वसनीयता बनाए रखना कितना मुश्किल है। प्रॉफिटेबिलिटी अभी भी एक चुनौती है, क्योंकि पारंपरिक गैसोलीन इंजन वाली कंपनियों के मुकाबले EV लॉसेस को कम करने की जरूरत है। इसके अलावा, Ather को अपनी ऑपरेशंस को एफिशिएंटली स्केल करना होगा ताकि क्वालिटी या कॉस्ट-इफेक्टिवनेस से समझौता किए बिना डिमांड पूरी की जा सके। भारतीय E2W मार्केट में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन इस विस्तार में कंसॉलिडेशन और सभी प्लेयर्स पर मार्जिन का भारी दबाव देखने को मिलेगा।
