Ather Energy ने एक बड़ी फंड जुटाने की घोषणा की है, जिसमें India-Japan Fund **₹200 करोड़** का निवेश करेगा। यह राशि कंपनी की **₹2,500 करोड़** की कुल फंड जुटाने की योजना का हिस्सा है। इस पैसे का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (EV) निर्माता कंपनी अपने विस्तार और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में करेगी। इस राउंड में मौजूदा निवेशक Hero MotoCorp और कंपनी के फाउंडर्स का भी अहम योगदान है।
India-Japan Fund का बड़ा दांव
भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और Ather Energy इस दौड़ में पीछे नहीं रहना चाहती। कंपनी ने हाल ही में India-Japan Fund (IJF) से ₹200 करोड़ की फंडिंग हासिल की है। आपको बता दें कि IJF, नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIFL) द्वारा मैनेज किया जाता है और यह भारत सरकार और जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (JBIC) के बीच एक द्विपक्षीय निवेश प्लेटफॉर्म है। यह निवेश कंपनी की ₹2,500 करोड़ की बड़ी फंड जुटाने की योजना का एक अहम हिस्सा है, जिसे कंपनी के बोर्ड ने जून में मंजूरी दी थी। इस पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का विस्तार करने और बाजार में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए करेगी।
निवेशकों का भरोसा कायम
इस फंड जुटाने के राउंड में Ather Energy के पुराने निवेशकों का भरोसा भी कायम है। Hero MotoCorp, जो Ather Energy का एक बड़ा शेयरहोल्डर है, ₹960 करोड़ का निवेश कन्वर्टिबल वारंट के जरिए करने की योजना बना रहा है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी में उसकी हिस्सेदारी और मजबूत होगी। इसके अलावा, Ather Energy के को-फाउंडर्स तरुण मेहता और स्वप्निल बबनलाल जैन भी ₹20 करोड़ प्रत्येक के हिसाब से वारंट के जरिए निवेश कर रहे हैं। यह सारा पैसा कंपनी के बैलेंस शीट को मजबूत करेगा और उसे अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को बढ़ाने में मदद करेगा।
EV सेक्टर में कड़ी टक्कर
भारतीय ऑटोमोटिव मार्केट में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में गलाकाट प्रतिस्पर्धा है। Ather Energy इस समय तीसरे पायदान पर है और पिछले साल के 14.7% की तुलना में 16.2% मार्केट शेयर रखती है। पिछले साल की तुलना में कंपनी की यूनिट रजिस्ट्रेशन में 79.5% का इजाफा हुआ है, जो कुल 29,422 यूनिट्स तक पहुंच गया है। इस सेक्टर में हाल ही में Ola Electric ने भी ₹780 करोड़ का फंड जुटाया है। ऐसे में Ather Energy के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं होगा। निवेशकों की नजरें अब कंपनी के विस्तार प्लान के एग्जीक्यूशन और मार्केट में अपनी पोजीशन बनाए रखने पर टिकी होंगी, खासकर जब बाकी दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियां और नई स्टार्टअप्स भी इस दौड़ में शामिल हैं। कंपनी को लागत प्रबंधन, लाभप्रदता और प्रीमियम EV उत्पादों पर ध्यान देना होगा।
