Ather Energy ने अपने प्रमुख निवेशकों Hero MotoCorp और इंडिया-जापान फंड (IJF) से ₹1,200 करोड़ जुटा लिए हैं। यह फंड जुटाने की योजना का पहला चरण है, जिसका लक्ष्य कुल ₹2,500 करोड़ है। इस पैसे का इस्तेमाल नए प्रोडक्ट्स, R&D और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने में किया जाएगा।
Ather Energy के लिए ₹1,200 करोड़ का बड़ा फंड रेज
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ather Energy ने ₹1,200 करोड़ जुटाने की अपनी योजना को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह फंड रेजिंग कंपनी की ₹2,500 करोड़ की कुल कैपिटल रेज का पहला फेज है। इस राउंड में सबसे बड़ा निवेश Hero MotoCorp का है, जिसने कन्वर्टिबल वारंट्स के जरिए ₹960 करोड़ का योगदान दिया है। इसके अलावा, नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) द्वारा मैनेज किए जाने वाले इंडिया-जापान फंड (IJF) ने ₹200 करोड़ का निवेश किया है। कंपनी के को-फाउंडर तरुण मेहता और स्वप्निल जैन ने भी व्यक्तिगत रूप से ₹20-₹20 करोड़ का निवेश किया है।
नए प्रोडक्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस
कंपनी इस नए फंड का इस्तेमाल कई अहम क्षेत्रों में करेगी। इसमें नए इलेक्ट्रिक व्हीकल मॉडल्स का डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाना और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) एक्टिविटीज को और मजबूत करना शामिल है। Ather Energy प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट से आगे बढ़कर ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचना चाहती है। इस निवेश से कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की रेंज को बढ़ाने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को एक्सपैंड करने की योजना बना रही है।
शेयर होल्डिंग पैटर्न में बदलाव
इस फंड रेजिंग के बाद कंपनी के शेयर होल्डिंग पैटर्न में कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे। नए शेयर्स जारी होने और वारंट्स के कन्वर्जन के बाद, Hero MotoCorp की Ather Energy में हिस्सेदारी 29.48% से बढ़कर लगभग 30.68% हो सकती है। वहीं, इंडिया-जापान फंड की हिस्सेदारी 5.75% से बढ़कर 6.02% होने की उम्मीद है। फाउंडर्स की हिस्सेदारी पर इस नए निवेश का बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में कॉम्पिटिशन
यह फंड रेजिंग ऐसे समय में आई है जब भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है। कई कंपनियां लागत कम करने और मास-मार्केट तक अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। Ather Energy के लिए मैन्युफैक्चरिंग एक्सपेंशन और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे कैपिटल-इंटेंसिव प्रोजेक्ट्स को फंड करना अपनी ग्रोथ बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी है। कंपनी अब इस कैपिटल इनफ्यूजन के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेने के लिए एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाने की तैयारी कर रही है।
