इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी Ather Energy ने QIP और प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए कुल ₹2,500 करोड़ जुटाए हैं। QIP में निवेशकों की ओर से ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की बोलियां आईं, जो 8 गुना ओवरसब्सक्रिप्शन दर्शाता है। यह फंडरेज़िंग ऐसे समय में हुई है जब कंपनी का तिमाही घाटा कम हुआ है और रेवेन्यू में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
QIP में दिखा निवेशकों का भरोसा
Ather Energy ने हाल ही में एक बड़े फंडरेज़िंग कैंपेन को सफलतापूर्वक पूरा किया है। कंपनी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) और प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए कुल ₹2,500 करोड़ की रकम जुटाई है। QIP के जरिए ₹1,300 करोड़ जुटाने का लक्ष्य था, लेकिन संस्थागत निवेशकों की जबरदस्त मांग के चलते ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की बोलियां आईं। यह 8 गुना ओवरसब्सक्रिप्शन को दर्शाता है। बाकी बचे ₹1,200 करोड़ प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए जुटाए गए हैं।
कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार
यह फंडरेज़िंग ऐसे समय में हुई है जब Ather Energy की वित्तीय स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का नेट लॉस ₹100.2 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 57.2% कम है। वहीं, इसी तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 73.7% बढ़कर ₹1,174.7 करोड़ हो गया। इस नए फंड से कंपनी को इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में अपनी पैठ और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
प्रमोटरों और रणनीतिक निवेशकों का निवेश
संस्थागत निवेशकों के अलावा, कंपनी के प्रमोटरों और रणनीतिक निवेशकों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। Ather के फाउंडर्स, तरुण मेहता और स्वप्निल जैन, ₹20 करोड़ प्रत्येक कनवर्टिबल वारंट के जरिए निवेश कर रहे हैं। इसके अलावा, Hero MotoCorp ने लगभग ₹960 करोड़ और इंडिया-जापान फंड ने ₹200 करोड़ का निवेश किया है। खास बात यह है कि प्रमोटरों और रणनीतिक निवेशकों ने SEBI द्वारा तय की गई फ्लोर प्राइस ₹1,169.70 से ₹85 ज्यादा, यानी ₹1,169.70 प्रति शेयर की दर से निवेश किया है, जो कंपनी के वैल्यूएशन में उनके विश्वास को दर्शाता है।
सेक्टर की प्रतिस्पर्धा और भविष्य की राह
भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर बेहद प्रतिस्पर्धी है, जिसमें Ola Electric, TVS Motor Company और Bajaj Auto जैसी बड़ी कंपनियां Ather Energy के साथ बाजार हिस्सेदारी के लिए कड़ी टक्कर दे रही हैं। यह फंडरेज़िंग कंपनी के बिजनेस मॉडल में निवेशकों के मजबूत विश्वास को दिखाता है, लेकिन भविष्य में सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि Ather इस कड़ी प्रतिस्पर्धा और प्राइसिंग प्रेशर को कितनी प्रभावी ढंग से संभाल पाती है। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों को ऐतिहासिक रूप से बैटरी की ऊंची लागत और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसका सीधा असर उनके प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ता है। जैसे-जैसे कंपनी इस नए फंड का उपयोग विस्तार के लिए करेगी, निवेशक कंपनी की क्षमता, लागत प्रबंधन और लाभप्रदता की ओर बढ़ने की गति पर नजर रखेंगे।
