Ather Energy के लिए बड़ी खुशखबरी! घाटा ₹51 करोड़ पर आया, रेवेन्यू में **87%** का उछाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Ather Energy के लिए बड़ी खुशखबरी! घाटा ₹51 करोड़ पर आया, रेवेन्यू में **87%** का उछाल

Ather Energy ने जून तिमाही में अपने नेट लॉस (Net Loss) को **71%** घटाकर **₹51.1 करोड़** कर लिया है। कंपनी के रेवेन्यू में **87%** का जबरदस्त उछाल देखा गया। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी ने **₹9 करोड़** का पॉजिटिव EBITDA भी दर्ज किया, जो कि स्कूटर की दमदार बिक्री और सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन जैसी हाई-मार्जिन सर्विसेज में ग्रोथ के कारण संभव हुआ।

कैसे हुआ Ather Energy के मुनाफे में सुधार?

एथर एनर्जी ने 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की पहली तिमाही में शानदार वित्तीय सुधार की रिपोर्ट दी है, जो भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। कंपनी का नेट लॉस घटकर ₹51.1 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹178.2 करोड़ के लॉस से काफी कम है। यह 71% की कमी तब आई है जब कंपनी की कुल इनकम में 87.2% की शानदार सालाना बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,260 करोड़ तक पहुंच गई।

ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सर्विस ग्रोथ

इस तिमाही की एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि कंपनी का EBITDA पॉजिटिव हो गया। पिछले साल की पहली तिमाही में ₹106 करोड़ का लॉस दर्ज करने वाली एथर एनर्जी ने इस बार ₹9 करोड़ का प्रॉफिट कमाया। EBITDA मार्जिन में 1,650 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई और यह 0.8% पर पहुंच गया। इस ग्रोथ का मुख्य कारण 80.5% की सालाना बढ़ोतरी के साथ 83,173 इलेक्ट्रिक स्कूटरों की डिलीवरी रही। कंपनी केवल व्हीकल सेल से ही नहीं, बल्कि अपनी आय के सोर्स को भी बढ़ा रही है। सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट से होने वाली कमाई अब कुल ऑपरेशनल रेवेन्यू का 14% है। यह लिथियम और कॉपर जैसी रॉ मैटेरियल की कीमतों में चल रही अस्थिरता के बावजूद ओवरऑल प्रॉफिटेबिलिटी को बेहतर बनाने में मदद कर रहा है।

विस्तार और मार्केट का माहौल

भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। हालिया तिमाही में इंडस्ट्री-वाइड रजिस्ट्रेशन लगभग 5.25 लाख यूनिट तक पहुंच गया। एथर एनर्जी ने बताया कि EV पेनिट्रेशन 10% का आंकड़ा पार कर चुका है, जो ग्राहकों की पसंद में एक बड़े बदलाव का संकेत है। इस मांग का फायदा उठाने के लिए, कंपनी छत्रपति संभाजी नगर में अपने 'फैक्ट्री 3.0' प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, जिसके इस फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही तक शुरू होने की उम्मीद है। इस फैसिलिटी की सालाना उत्पादन क्षमता पांच लाख यूनिट जोड़ने की योजना है, जिससे प्रोडक्शन कैपेसिटी की कमी को दूर किया जा सकेगा, जो ऑर्डर वॉल्यूम के मुकाबले पिछड़ रही है।

भविष्य के ट्रिगर्स पर नज़र

जहां कंपनी ने मार्जिन मैनेजमेंट और वॉल्यूम ग्रोथ में स्पष्ट प्रगति दिखाई है, वहीं निवेशकों को साल के दौरान कुछ प्रमुख फैक्टर्स पर नज़र रखनी चाहिए। 29 अगस्त को लॉन्च होने वाले 'EL' प्लेटफॉर्म स्कूटर का प्रदर्शन, प्रोडक्ट मिक्स और मार्केट शेयर पर इसके प्रभाव को लेकर महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा, सप्लाई चेन नेगोशिएशन और प्रोडक्शन इंजीनियरिंग के जरिए इनपुट कॉस्ट इन्फ्लेशन को मैनेज करने में कंपनी की सफलता पर मार्जिन बनाए रखने की क्षमता निर्भर करेगी। नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को कस्टमर ऑर्डर के बढ़ते बैकलॉग को पूरा करने के लिए कितनी प्रभावी ढंग से स्केल-अप किया जाता है, यह भी कंपनी के फाइनल परफॉर्मेंस को प्रभावित करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.