प्रीमियम सेगमेंट पर Ather Energy का फोकस
Ather Energy ने ₹1 लाख की कीमत सीमा तय की है, जिसका मतलब है कि वे एंट्री-लेवल (Entry-Level) मास-मार्केट सेगमेंट को छोड़ रहे हैं। CEO तरुण मेहता ने कहा कि यह एक स्ट्रैटेजिक फैसला है ताकि Competitors के साथ प्राइस वॉर (Price War) से बचा जा सके। PLI स्कीम का लाभ उठाने वाली कंपनियां Ather के मुकाबले करीब 15% तक कम कीमत पर स्कूटर्स बेच सकती हैं, जिससे Ather को नुकसान झेलना पड़ सकता है।
'कैश बर्न' नहीं, 'लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट'!
कंपनी R&D (Research and Development), चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (Intellectual Property) में भारी निवेश कर रही है। Ather इसे 'कैश बर्न' (Cash Burn) नहीं, बल्कि कंपनी के भविष्य के लिए 'लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट' (Long-term Investment) बता रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि ग्रॉस मार्जिन (Gross Margin) 20% से ऊपर बना रहे। उनका मानना है कि वॉल्यूम बढ़ने से Operating Leverage आएगा, जिससे कमाई बढ़ेगी।
कॉम्पिटिशन और मार्केट शेयर
इस बीच, Ola Electric जैसी कंपनियां ₹59,999 से स्कूटर्स पेश कर रही हैं, Hero Electric के विकल्प ₹59,640 से शुरू होते हैं, और TVS iQube लगभग ₹96,422 में उपलब्ध है। Ather की एंट्री-लेवल स्कूटर्स ₹1.2 लाख से ऊपर हैं, जो उन्हें ब्रॉडर ऑडियंस (Broader Audience) से दूर रखती है। कंपनी ने हाल ही में IPO की तैयारी के तहत करीब $1.4 बिलियन का वैल्यूएशन हासिल किया है।
मार्केट में बदलती तस्वीर
PLI स्कीम से बाहर होने के कारण Ather को लागत के मामले में नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं, TVS और Bajaj Auto जैसी पुरानी कंपनियों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर मार्केट का लगभग आधा हिस्सा कब्जा लिया है। Ola Electric का मार्केट शेयर भी घट रहा है। Ather का मार्केट शेयर 13.8% (जून 2025) या 9% (जुलाई 2024) के आसपास है, जो लीडर्स की तुलना में काफी कम है। WTO (World Trade Organization) पैनल द्वारा भारत की EV और बैटरी नीतियों की समीक्षा की खबर से भी सेक्टर में अनिश्चितता बनी हुई है।
भविष्य की राह
Ather Energy अपनी प्रीमियम पोजिशनिंग और ब्रांड वैल्यू को बनाए रखने पर जोर दे रही है। कंपनी नए प्लेटफॉर्म्स (Platforms) और रिटेल फुटप्रिंट (Retail Footprint) बढ़ाने में निवेश कर रही है। EL प्लेटफॉर्म लॉन्च होने वाला है, जिससे शायद कंपनी कम लागत वाले आर्किटेक्चर (Lower-cost Architectures) बना सके। भारतीय EV मार्केट में मजबूत CAGR (Compound Annual Growth Rate) का अनुमान है, लेकिन Ather को अपनी लागत की चुनौतियों से निपटना होगा और खुद को अलग दिखाना होगा।