ब्रोकरेज की 'Buy' रेटिंग और टारगेट प्राइस
Nirmal Bang Institutional Research ने Ather Energy को लेकर अपना पॉजिटिव रुख दिखाया है। फर्म ने कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए 'Buy' रेटिंग दी है और शेयर के लिए ₹1,210 का टारगेट प्राइस सेट किया है। यह एनालिस्ट्स की राय कंपनी के स्केलेबल, हाई-मार्जिन प्रोडक्ट प्लेटफॉर्म की ओर झुकाव और आक्रामक रिटेल विस्तार की रणनीति पर आधारित है। बता दें कि कंपनी के स्टोर फुटप्रिंट 700 यूनिट्स को पार कर चुके हैं। हालांकि, मौजूदा समय में शेयर ₹940–960 के दायरे में थोड़ा उतार-चढ़ाव दिखा रहा है। निवेशक इस नई रेटिंग को कंपनी की बुक वैल्यू से काफी प्रीमियम पर ट्रेड करने की पुरानी प्रवृत्ति के मुकाबले तौल रहे हैं।
घाटा कम, मुनाफे की राह पर कंपनी?
कंपनी ने चौथी तिमाही (Q4) में अपने घाटे को ₹100 करोड़ तक सीमित करने में कामयाबी हासिल की है। मैनेजमेंट LFP बैटरी टेक्नोलॉजी अपनाने और नए EL प्लेटफॉर्म के ज़रिए कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन पर काम कर रही है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में रेवेन्यू में 73.8% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के बावजूद, Ather को अपने इन-हाउस सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मॉडल की कैपिटल-इंटेंसिव प्रकृति से निपटना होगा। कंपनी को मैन्युफैक्चरिंग और R&D के लिए एक्सटर्नल ग्रोथ कैपिटल पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसके लिए FY26 और FY28 के बीच 42.5% वॉल्यूम CAGR के अनुमान को पूरा करना ज़रूरी होगा।
कड़ी प्रतिस्पर्धा और सेक्टर की चुनौतियां
Ola Electric, TVS और Bajaj जैसे प्रतिद्वंद्वियों के इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो के मुकाबले Ather की मार्केट पोजीशन चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। कंपनी भले ही प्रीमियम, टेक्नोलॉजी-फर्स्ट ब्रांड पहचान बनाए हुए है, लेकिन उसे लगातार प्राइसिंग प्रेशर का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, PM E-Drive जैसी सरकारी पॉलिसियों के खत्म होने का भी खतरा है। कंपनी नॉन-बैटरी कंपोनेंट्स के लिए थर्ड-पार्टी सप्लाई चेन पर निर्भर है, जो एक बड़ा जोखिम है। सप्लाई चेन में कोई भी रुकावट या सस्ते मॉडलों की ओर कंज्यूमर की मांग का शिफ्ट, कंपनी के 18.6% मार्केट शेयर को खतरे में डाल सकता है।
जोखिम और वित्तीय अनुशासन
Ather के लिए निगेटिव कैश फ्लो और ESOP अलॉटमेंट से होने वाले डायल्यूशन का जोखिम अभी भी बना हुआ है। एनालिस्ट्स कंपनी के भारी मार्केटिंग खर्च और नए AURIC फैसिलिटी में प्रोडक्शन बढ़ाने की चुनौतियों पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। जहां एक ओर कंपटीटर्स आक्रामक प्राइसिंग से मार्केट कैप्चर कर रहे हैं, वहीं Ather का प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस उसे कुछ हद तक बचाता है, लेकिन यह उसके एड्रेसेबल मार्केट को सीमित करता है। यह देखना होगा कि क्या कंपनी का अपना सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम और ग्राहकों की लॉयल्टी, देशभर में चार्जिंग ग्रिड को बनाए रखने के ऑपरेशनल खर्चों को भर पाएगी या नहीं।
