Ashok Leyland के MD और CEO शेनु अग्रवाल को 2026-27 के लिए SIAM का प्रेसिडेंट चुना गया है। वे पांच साल के रोडमैप पर काम करेंगे, जिसका लक्ष्य मल्टी-फ्यूल टेक्नोलॉजी और स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर आयात पर निर्भरता कम करना है।
SIAM में नेतृत्व में बड़ा बदलाव
दिल्ली में आयोजित SIAM के 66वें एनुअल कन्वेंशन में बड़ा बदलाव देखने को मिला। Ashok Leyland के एमडी और सीईओ शेनु अग्रवाल ने Tata Motors के शैलेश चंद्र की जगह ली है। इस नई टीम में TVS Motor के के.एन. राधाकृष्णन को वाइस प्रेसिडेंट और Mercedes-Benz India के संतोष अय्यर को कोषाध्यक्ष (Treasurer) नियुक्त किया गया है।
पांच साल का 'मल्टी-फ्यूल' विजन
शेनु अग्रवाल ने अपने कार्यकाल के लिए पांच साल का विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। इसमें मुख्य फोकस इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) जैसी क्लीन एनर्जी पर है। उनका कहना है कि भारत को बैटरी सेल और एडवांस्ड पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए आयात पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि घरेलू सप्लाई चेन को इतना मजबूत करना होगा कि मैन्युफैक्चरर्स ग्लोबल मार्केट में कॉम्पिटिटिव बने रहें।
Ashok Leyland के फाइनेंशियल आंकड़े
निवेशकों के लिए यह नियुक्ति कंपनी की रणनीति समझने का बड़ा मौका है। Q1 FY27 में कंपनी का रेवेन्यू ₹9,634.35 करोड़ रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले 10.43% अधिक है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 2.5% बढ़कर ₹609.11 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, बढ़ती लागत के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन 10.1% पर सीमित रहा है। 3 सितंबर 2026 तक कंपनी का शेयर प्राइस ₹166.71 के आसपास ट्रेड कर रहा था।
चुनौतियां और भविष्य की राह
फिलहाल कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट पूरी तरह डीजल पर आधारित है। ऐसे में नई टेक्नोलॉजी के लिए भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर और ऑपरेशनल कॉस्ट के बीच संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। बाजार की नजर इस बात पर होगी कि नई लीडरशिप पॉलिसी के स्तर पर इसे कैसे मैनेज करती है ताकि मुनाफा प्रभावित न हो।
