Ashok Leyland ने अक्टूबर 2026 के लिए शानदार बिक्री आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी की कुल बिक्री **23%** के उछाल के साथ **21,888** यूनिट्स तक पहुंच गई है, जिसके पीछे भारी कमर्शियल वाहनों (M&HCV) की दमदार डिमांड है।
अक्टूबर 2026 में Ashok Leyland ने बाजार में अपनी मजबूती दिखाते हुए कुल 21,888 गाड़ियां बेची हैं, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 17,820 यूनिट्स था। इस उछाल के पीछे सबसे बड़ी ताकत कंपनी का मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल (M&HCV) सेगमेंट रहा है।
M&HCV और LCV सेगमेंट का प्रदर्शन
M&HCV सेगमेंट में 28% की जबरदस्त ग्रोथ देखी गई और बिक्री 13,927 यूनिट्स पर पहुंच गई। इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी और फ्लीट ऑपरेटर्स द्वारा पुराने ट्रकों को बदलकर नए मॉडल्स लेने के रुझान ने कंपनी को जबरदस्त फायदा पहुंचाया है। इसके अलावा, लास्ट-माइल डिलीवरी के लिए मशहूर लाइट कमर्शियल व्हीकल (LCV) सेगमेंट ने भी 14% की बढ़त के साथ 7,961 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है।
डोमेस्टिक बाजार में डिस्पैच 24% बढ़कर 20,224 यूनिट्स रहा, जो यह बताता है कि विदेशी एक्सपोर्ट की अस्थिरता का असर कंपनी पर फिलहाल कम है।
निवेशकों के लिए असली चुनौती: मार्जिन का दबाव
बिक्री के आंकड़ों में तेजी जरूर दिख रही है, लेकिन निवेशकों की नजर अब कंपनी के 'मार्जिन' पर है। पिछले कुछ क्वार्टर में कंपनी ने शानदार रेवेन्यू तो दिखाया है, लेकिन कच्चे माल की बढ़ती लागत और कर्मचारियों के खर्च के कारण मुनाफे पर दबाव बना हुआ है।
2 नवंबर 2026 तक कंपनी का शेयर ₹144.82 के आसपास ट्रेड कर रहा था। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या बढ़ी हुई बिक्री का वॉल्यूम इन लागतों के दबाव को बेअसर कर पाएगा या नहीं। शेयरधारकों के लिए अगली तिमाही के नतीजे यह तय करेंगे कि कंपनी अपनी ग्रोथ की इस रफ्तार को साल के अंत तक कैसे बनाए रखती है।
