ICICI Securities का मजबूत अनुमान
ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities का मानना है कि Ashok Leyland इस बार Q4 में बेहतरीन परफॉरमेंस दिखाएगी। यह उम्मीदें भारतीय कमर्शियल व्हीकल (CV) सेक्टर में आ रही ज़बरदस्त रिकवरी और कंपनी के बेहतर ऑपरेशनल परफॉरमेंस से जुड़ी हैं।
CV सेक्टर में बंपर रिकवरी
भारतीय CV सेक्टर में शानदार रिकवरी दर्ज की जा रही है। फरवरी 2026 में रिटेल सेल्स 28.89% बढ़कर 1,00,000 यूनिट्स के पार पहुँच गई, जो एक नया मंथली रिकॉर्ड है। जनवरी 2026 में होलसेल वॉल्यूम 27% बढ़ा, जिसके पीछे GST रेट में कटौती और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च जैसे कारण बताए जा रहे हैं। इंडस्ट्री का अनुमान है कि FY26 में CV सेक्टर में 7-9% की ग्रोथ बनी रहेगी।
वैल्यूएशन और कॉम्पिटिशन
Ashok Leyland का P/E रेश्यो फिलहाल 26.4x से 37.0x (TTM बेसिस पर) के बीच चल रहा है। यह Eicher Motors (लगभग 36.5x P/E) के बराबर है, जबकि Tata Motors का P/E 20.6x से 58.1x तक फैला हुआ है। ₹1.03 ट्रिलियन के पार पहुँच चुकी मार्केट कैप से पता चलता है कि निवेशक कंपनी की ग्रोथ पर दांव लगा रहे हैं। स्टॉक हाल ही में 8 अप्रैल 2026 को लगभग 13% उछला था।
पिछली परफॉरमेंस दमदार
पिछले नतीजों पर नजर डालें तो, FY25 के Q4 में Ashok Leyland का नेट प्रॉफिट 38.4% बढ़कर ₹1,246 करोड़ हुआ था, जबकि रेवेन्यू 5.7% बढ़कर ₹11,907 करोड़ रहा था। EBITDA मार्जिन भी सुधरकर लगभग 15% तक पहुँच गया था। सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी FY25 के अंत तक ₹4,242 करोड़ की नेट कैश पोजीशन पर पहुँच गई थी, जो पिछले कर्ज़ से एक बड़ा सुधार है।
आगे की चुनौतियाँ
सकारात्मक अनुमानों के बावजूद, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियाँ भी हैं। स्टील और अन्य कमोडिटीज के दाम बढ़ने से मार्जिन पर दबाव आ सकता है। इसे कंट्रोल करने के लिए कंपनी अप्रैल 2026 से अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में 2% तक की बढ़ोतरी कर सकती है। हालाँकि कंपनी नॉन-साइक्लिकल सेग्मेंट्स में भी विस्तार कर रही है, लेकिन इसका मुख्य बिज़नेस अभी भी साइक्लिकल मीडियम एंड हैवी कमर्शियल व्हीकल (MHCV) सेगमेंट पर टिका है। GST रेट कट के बाद डिमांड कितनी स्थिर रहती है, यह देखना अहम होगा। 29x के आस-पास का P/E रेश्यो, अगर ग्रोथ उम्मीद के मुताबिक नहीं रही तो महंगा साबित हो सकता है।
एनालिस्ट्स का पॉजिटिव रुख
कंपनी का मैनेजमेंट FY26 के लिए सिंगल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान लगा रहा है, जिसमें दूसरी तिमाही से सुधार की उम्मीद है। ज़्यादातर एनालिस्ट्स ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹180 से ₹290 के बीच रखे हैं, जो मौजूदा लेवल्स से 8-18% तक का अपसाइड दिखा सकता है। कंपनी अपने मार्जिन को सुधारने, लागत कम करने, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाने और मार्केट शेयर बढ़ाने पर फोकस कर रही है।
