Ashok Leyland ने FY26 की अपनी सालाना रिपोर्ट में टॉप एग्जीक्यूटिव्स के वेतन में भारी बढ़ोतरी का खुलासा किया है। CEO की सैलरी में 49% तो CFO की सैलरी में 58% का इजाफा हुआ है।
Detailed Coverage
अशोक लेलैंड के शीर्ष अधिकारियों के वेतन में बड़ा इजाफा
Ashok Leyland ने अपनी वित्तीय वर्ष 2026 की सालाना रिपोर्ट में खुलासा किया है कि उसके शीर्ष अधिकारियों के वेतन में काफी बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के CEO शेनू अग्रवाल (Shenu Agarwal) की कुल सैलरी में 49% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले साल के ₹12.30 करोड़ से बढ़कर ₹18.32 करोड़ हो गई है। इस पैकेज का बड़ा हिस्सा, करीब ₹18.16 करोड़, शॉर्ट-टर्म एम्प्लॉई बेनिफिट्स के तौर पर दिया गया है।
CFO की सैलरी में सबसे ज्यादा उछाल
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी CFO के. एम. बालाजी (K.M. Balaji) की सैलरी में हुई है। उनकी कुल सैलरी लगभग 58% बढ़कर ₹7.45 करोड़ हो गई है, जो पिछले वित्तीय वर्ष में ₹4.72 करोड़ थी। बालाजी, जिन्होंने जून 2024 में यह पद संभाला था, अब होल-टाइम डायरेक्टर और CFO के तौर पर नई भूमिका में जाने वाले हैं। वहीं, एग्जीक्यूटिव चेयरमैन धीरज जी. हिंदूजा (Dheeraj G. Hinduja) की कुल सैलरी में मामूली 9% की वृद्धि हुई और यह ₹31.25 करोड़ पर पहुंच गई। हालांकि, उनके कमीशन और सिटिंग फीस में 65% का इजाफा हुआ, जो ₹1.32 करोड़ रहा।
बोर्ड के अन्य निदेशकों की बात करें तो, उनके कुल कमीशन और सिटिंग फीस में 26% की वृद्धि हुई और यह ₹11.69 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, होल-टाइम डायरेक्टर गोपाल महादेवन (Gopal Mahadevan) की कुल सैलरी ₹14.65 करोड़ से घटकर ₹13.73 करोड़ रह गई, जिसका मुख्य कारण पिछले साल दिए गए शेयर-आधारित भुगतान का इस साल न होना है।
भविष्य के लिए वेतन प्रस्ताव
कंपनी ने भविष्य में बोर्ड की भूमिकाओं के लिए वेतन प्रस्ताव भी पेश किए हैं। धीरज जी. हिंदूजा के प्रस्तावित तीन साल के कार्यकाल के लिए ₹15.50 करोड़ का फिक्स्ड एनुअल कंपनसेशन और ₹17.50 करोड़ का परफॉरमेंस पे व कमीशन प्रस्तावित है, जिससे कुल मिलाकर ₹33 करोड़ सालाना हो सकते हैं। के. एम. बालाजी के लिए होल-टाइम डायरेक्टर और CFO के तौर पर ₹3.85 करोड़ फिक्स्ड पे और ₹1.65 करोड़ परफॉरमेंस-बेस्ड इंसेंटिव का प्रस्ताव है, जो कुल ₹5.50 करोड़ सालाना होगा। ये प्रस्ताव आवश्यक वैधानिक मंजूरी के अधीन हैं।
निवेशक इन वेतन वृद्धि पर कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन और कर्ज के स्तर के साथ-साथ नजर रखेंगे। कमर्शियल व्हीकल सेक्टर में Tata Motors जैसे प्रतिस्पर्धियों से दबाव झेल रही Ashok Leyland के लिए, मैनेजमेंट का कुशल पूंजी आवंटन और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मैनेज करने की क्षमता एक अहम पहलू बनी रहेगी।
