📉 नतीजे और कमाई का बूस्ट
Apollo Tyres लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) में अपने प्रदर्शन से निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में अपने फाइनेंशियल में जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है।
- कमाई का ग्राफ ऊपर: कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11.76% बढ़कर ₹7,743.07 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल Q3 में ₹6,927.95 करोड़ था। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 39.51% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹470.52 करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹337.25 करोड़ दर्ज किया गया था। इसके साथ ही, बेसिक ईपीएस (EPS) में भी 39.92% का इजाफा हुआ और यह ₹7.43 हो गया।
- ऑपरेशनल एफिशिएंसी: कंपनी की ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार हुआ है। यह 15.32% पर पहुंच गई, जो पिछले साल 13.67% थी। इससे पता चलता है कि कंपनी अपनी लागतों को बेहतर ढंग से मैनेज कर रही है। नेट प्रॉफिट मार्जिन भी 6.08% तक चढ़ गया।
- 9 महीने का हाल: इस फाइनेंशियल ईयर के पहले 9 महीनों (9M) में कंपनी का रेवेन्यू 7.30% बढ़कर ₹21,134.93 करोड़ रहा। हालांकि, 9M PAT में पिछले साल की तुलना में 20.84% की गिरावट आई है और यह ₹741.44 करोड़ रहा। इसका मुख्य कारण पिछले साल (Q3 FY25) के मुकाबले इस साल (Q3 FY26) एक्सेप्शनल आइटम्स का कम होना बताया जा रहा है।
🚀 बड़ा विस्तार और शेयरधारकों को इनाम
कंपनी के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने आंध्र प्रदेश स्थित प्लांट में एक महत्वपूर्ण विस्तार योजना को मंजूरी दे दी है।
- मेगा एक्सपेंशन प्लान: इस प्रोजेक्ट पर कुल ₹5,810 करोड़ का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा। इस विस्तार से पैसेंजर कार रेडियल (PCR) टायरों का उत्पादन सालाना करीब 3.7 मिलियन यूनिट और ट्रक बस रेडियल (TBR) टायरों का 1.3 मिलियन यूनिट बढ़ेगा। यह विस्तार FY2029 तक पूरा होने की उम्मीद है और इसके लिए फंड्स कंपनी की अपनी कमाई (Internal Accruals) और कर्ज (Debt) के मिश्रण से जुटाए जाएंगे।
- अंतरिम डिविडेंड: भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदों के बीच, कंपनी ने अपने शेयरधारकों को भी तोहफा दिया है। बोर्ड ने ₹3.50 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।
🔮 आगे का रास्ता और चुनौतियाँ
Apollo Tyres का मजबूत Q3 प्रदर्शन और बड़ी विस्तार योजनाएं कंपनी के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत हैं। मैनेजमेंट का यह कदम भविष्य की मांग के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है।
- निवेशकों की नजरें: अब सभी की निगाहें इस बड़े विस्तार प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन, मार्जिन में और सुधार लाने और घरेलू व यूरोपीय बाजारों में लगातार मजबूत मांग पर टिकी रहेंगी।
- जोखिम: ₹5,810 करोड़ के इस बड़े निवेश को सही तरीके से मैनेज करना, कर्ज के स्तर को नियंत्रित रखना और प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना महत्वपूर्ण होगा।
