Apollo Tyres Share: Q3 में दमदार नतीजों का धमाका, ₹5810 Cr का मेगा निवेश; क्या रॉकेट बनेगा शेयर?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Apollo Tyres Share: Q3 में दमदार नतीजों का धमाका, ₹5810 Cr का मेगा निवेश; क्या रॉकेट बनेगा शेयर?
Overview

Apollo Tyres ने Q3 FY26 में कमाल कर दिया है! कंपनी के नेट प्रॉफिट में पिछले साल के मुकाबले **39.6%** की जोरदार बढ़ोतरी हुई है, जो **₹470.5 करोड़** पर पहुंचा है। वहीं, रेवेन्यू भी **11.8%** बढ़कर **₹7,743 करोड़** हो गया। कंपनी ने **₹3.50** प्रति शेयर का इंटेरिम डिविडेंड भी घोषित किया है और आंध्र प्रदेश प्लांट में **₹5,810 करोड़** का बड़ा निवेश कर अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने का ऐलान किया है।

नतीजों पर रॉकेट, डिविडेंड पर मेहरबान

Apollo Tyres Ltd. ने इस फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने दमदार नतीजों से निवेशकों को मालामाल कर दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 39.6% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के साथ ₹470.5 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹337 करोड़ था। यह शानदार प्रदर्शन रेवेन्यू में 11.8% की ग्रोथ की बदौलत संभव हुआ, जो ₹7,743 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹6,927 करोड़ था। कंपनी के EBITDA में भी 25.3% का जबरदस्त उछाल देखा गया, जो ₹1,185 करोड़ रहा, और EBITDA मार्जिन 13.7% से सुधरकर 15.3% हो गया। शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने ₹3.50 प्रति इक्विटी शेयर का इंटेरिम डिविडेंड (interim dividend) भी घोषित किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 10 फरवरी 2026 है।

भविष्य के लिए ₹5,810 करोड़ का बड़ा दांव

लेकिन असली धमाका कंपनी के भविष्य के प्लान में है। Apollo Tyres ने अपने आंध्र प्रदेश प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए ₹5,810 करोड़ के भारी-भरकम कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) को मंजूरी दे दी है। यह बड़ा निवेश FY2029 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इस विस्तार से पैसेंजर कार रेडियल (PCR) टायरों का उत्पादन सालाना करीब 37 लाख यूनिट और ट्रक बस रेडियल (TBR) टायरों का उत्पादन 13 लाख यूनिट तक बढ़ जाएगा। कंपनी इस विस्तार के लिए अपनी आंतरिक कमाई और कर्ज, दोनों का इस्तेमाल करेगी। यह साफ दिखाता है कि कंपनी भविष्य में बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।

वैल्यूएशन और कॉम्पिटीशन: क्या दाम जायज़?

वहीं, अगर कंपनी की वैल्यूएशन की बात करें तो यह थोड़ी महंगी लग सकती है। फरवरी 2026 की शुरुआत तक, Apollo Tyres का TTM P/E रेशियो लगभग 40.48 है और मार्केट कैप करीब ₹32,000 करोड़ है। इसकी तुलना में, इसके बड़े कॉम्पिटीटर MRF का मार्केट कैप करीब ₹58,000 करोड़ है, लेकिन P/E रेशियो 31.3 है। CEAT का मार्केट कैप करीब ₹15,700 करोड़ और P/E 28.5 है, जबकि JK Tyre का मार्केट कैप लगभग ₹15,500 करोड़ और P/E 31 के आसपास है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस साल के पहले नौ महीनों (9M FY26) में Apollo Tyres का PAT पिछले साल के मुकाबले 20.97% घटा था, जिसका कारण पिछली अवधि के कुछ विशेष खर्चे थे। इसी वजह से, जनवरी 2026 के मध्य में एनालिस्ट फर्म MarketsMOJO ने Apollo Tyres की रेटिंग को 'Hold' कर दिया था।

मैक्रो इकोनॉमिक सपोर्ट और आगे की राह

हालांकि, भविष्य की राह में कुछ अच्छी खबरें भी हैं। Union Budget 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स पर किए गए बड़े आवंटन से ऑटो और टायर सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय में मांग बढ़ाएगा। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बढ़ता बाजार भी नए अवसर ला रहा है। लेकिन, कंपनी को वैश्विक व्यापार नीतियों की अनिश्चितता और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है। इन सबके बावजूद, एनालिस्ट्स का Apollo Tyres पर भरोसा बना हुआ है। उनका मानना है कि कंपनी का 'Outperform' रेटिंग और ₹560-570 का एवरेज टारगेट प्राइस, खासकर इसके बड़े विस्तार प्लान के सफल एग्जीक्यूशन पर निर्भर करता है।

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