Apollo Tyres ने वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **13.3%** बढ़कर **₹292.29 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही बोर्ड ने **₹1,000 करोड़** के फंड जुटाने को भी मंजूरी दे दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और रेवेन्यू
सितंबर 2026 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही में Apollo Tyres का प्रदर्शन चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद स्थिर रहा। कंपनी ने ₹7,968.15 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 16.6% की बढ़त देखी गई है।
फंड जुटाने की योजना और नया नेतृत्व
वित्तीय नतीजों के साथ कंपनी ने बड़े बदलावों का ऐलान किया है। बोर्ड ने ₹1,000 करोड़ तक की राशि नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए जुटाने की मंजूरी दी है, ताकि कंपनी की कैपिटल पोजीशन मजबूत हो सके। साथ ही, रवि कुमार शिंगारी को 4 नवंबर 2026 से कंपनी का नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया गया है। वे 2018 से कंपनी के साथ जुड़े हैं और फाइनेंस व बजटिंग के विशेषज्ञ माने जाते हैं।
मार्जिन पर दबाव और चुनौतियां
रेवेन्यू में ग्रोथ के बावजूद कंपनी के मार्जिन पर दबाव बरकरार है। इस तिमाही में EBITDA मार्जिन 10.73% रहा। इसकी मुख्य वजह कच्चे माल (Raw Material) की बढ़ती लागत है, जिसे पूरी तरह ग्राहकों पर डालना मुश्किल हो रहा है। कंपनी ने यूरोप में ऑपरेशनल सुधार के लिए ₹26 करोड़ का रिस्ट्रक्चरिंग चार्ज भी लिया है। इसके अलावा, वेस्ट एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण सप्लाई चेन में रुकावटें आ रही हैं, जो आने वाले समय में प्रॉफिटेबिलिटी के लिए चुनौती बनी रहेंगी।
