Apollo Tyres के मुनाफे में तूफानी तेजी, जानिए क्या है खास
Apollo Tyres Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में नेट प्रॉफिट में 241% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट अब ₹631 करोड़ हो गया है। इस बड़ी उछाल का एक बड़ा कारण नए टैक्स रिजीम को अपनाने से मिला ₹574 करोड़ का एकमुश्त टैक्स बेनिफिट रहा।
टैक्स के इस फायदे के अलावा, कंपनी ने परिचालन (Operational) मोर्चे पर भी दमदार प्रदर्शन किया है। इसका रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹7,336 करोड़ पर पहुँच गया। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) में 28% का इजाफा हुआ और यह ₹1,069 करोड़ रहा। इसके साथ ही, EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 13% से सुधरकर 14.6% हो गया। इस खबर के दम पर 14 मई, 2026 को शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 1.89% की तेजी के साथ ₹404 पर बंद हुआ।
यूरोप में प्लांट बंद करने का बड़ा फैसला
बेहतर नतीजों के बावजूद, Apollo Tyres यूरोप में एक बड़ा रणनीतिक बदलाव कर रहा है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह 2026 के मध्य तक नीदरलैंड में स्थित अपने प्लांट को बंद कर देगी। कंपनी के मुताबिक, उत्पादन की लागतें, खासकर एनर्जी और लेबर का खर्च बढ़ना, कम मांग और यूरोपीय बाजार में सस्ते चीनी टायरों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा इस फैसले के पीछे मुख्य कारण हैं। नीदरलैंड प्लांट का उत्पादन अब हंगरी और भारत में शिफ्ट किया जाएगा, जिसका मकसद लागत कम करना और मार्जिन बढ़ाना है।
भारतीय टायर इंडस्ट्री और कॉम्पिटीटर्स से तुलना
भारतीय टायर इंडस्ट्री में अगले फाइनेंशियल ईयर (FY2026) में 6-8% की ग्रोथ का अनुमान है, जो मुख्य रूप से डोमेस्टिक रिप्लेसमेंट सेल्स से आएगी। हालांकि, अमेरिकी इंपोर्ट टैरिफ और प्राकृतिक रबर की बढ़ती कीमतें कुछ चुनौतियां पैदा कर सकती हैं।
अगर कॉम्पिटीटर्स से तुलना करें, तो Apollo Tyres का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो लगभग 27.21 है। यह JK Tyre (16.10) और CEAT (18.66) से ज्यादा है, लेकिन Balkrishna Industries (32.73) और Goodyear India (31.17) से कम है। MRF का P/E लगभग 21.96-26.6 के बीच है। 14 मई, 2026 तक कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹25,324.65 करोड़ था। पिछले एक साल में, शेयर का प्रदर्शन बाजार से थोड़ा पीछे रहा है, यह ₹392.05 और ₹540.50 के बीच ट्रेड कर रहा है।
मुनाफे की सस्टेनेबिलिटी और एक्सपर्ट्स की राय
₹574 करोड़ का बड़ा टैक्स बेनिफिट बताता है कि वर्तमान प्रॉफिट लेवल शायद एकमुश्त लाभ के बिना टिकाऊ (Sustainable) न हो। परिचालन प्रदर्शन में सुधार हुआ है, लेकिन इंडस्ट्री पर दबाव बना हुआ है। यूरोप का बाजार चीनी टायरों से सस्ते दामों और हाई ऑपरेटिंग कॉस्ट से जूझ रहा है, यही वजह है कि नीदरलैंड प्लांट बंद हो रहा है।
इसके बावजूद, विश्लेषक (Analysts) कंपनी को लेकर सकारात्मक हैं। Apollo Tyres के लिए 'Buy' रेटिंग की आम राय है, और एक्सपर्ट्स का टारगेट प्राइस ₹534.17 से ₹569.33 के बीच है, जो मौजूदा स्तरों से अच्छी ग्रोथ का संकेत देता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि परिचालन सुधारों और भारतीय ऑटो सेक्टर के मजबूत आउटलुक के कारण रेवेन्यू और मार्जिन में और सुधार देखने को मिलेगा।
शेयरधारकों को डिविडेंड
कंपनी ने शेयरधारकों को तोहफा देते हुए ₹2.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कुल डिविडेंड ₹6 प्रति शेयर हो जाएगा।
