Apollo Tyres Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी का सालाना मुनाफा ₹1,370 करोड़ पार, शेयर में 2% का उछाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Apollo Tyres Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी का सालाना मुनाफा ₹1,370 करोड़ पार, शेयर में 2% का उछाल

Apollo Tyres के शेयर में आज **2.13%** की मजबूती देखी गई और यह **₹437.25** पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के शानदार नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ-साथ बैलेंस शीट में सुधार और कर्ज में कमी भी शामिल है। निवेशक कंपनी के बेहतर कैश फ्लो और हालिया फाइनल डिविडेंड (Dividend) की घोषणा पर भी ध्यान दे रहे हैं।

Apollo Tyres की जोरदार वापसी

सोमवार को Apollo Tyres के शेयर ₹437.25 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे, जो कि 2.13% की बढ़त दर्शाता है। यह उछाल कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों पर निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया का नतीजा है। Nifty Midcap 150 इंडेक्स का हिस्सा रही इस कंपनी ने मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में दमदार वित्तीय प्रदर्शन दिखाया है।

दमदार मुनाफा और आय में बढ़ोतरी

मार्च 2026 की तिमाही के लिए, Apollo Tyres ने ₹7,335.67 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 14.20% अधिक है। वहीं, इसी अवधि में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Net Profit) बढ़कर ₹630.72 करोड़ हो गया, जो मार्च 2025 की तिमाही के ₹184.32 करोड़ की तुलना में एक बड़ी छलांग है।

अगर सालाना आंकड़ों पर नजर डालें तो, कंपनी का रेवेन्यू पिछले चार सालों में 36.39% बढ़कर FY22 के ₹20,947.58 करोड़ से FY26 में ₹28,470.60 करोड़ पर पहुंच गया। नेट प्रॉफिट (Net Profit) में भी मजबूत रिकवरी दिखी, जो FY22 के ₹638.50 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹1,371.83 करोड़ हो गया। इस ग्रोथ के साथ, बेसिक ईपीएस (EPS) भी 10.06 से बढ़कर 21.66 हो गया।

कर्ज प्रबंधन और कैश फ्लो (Cash Flow) में सुधार

कंपनी की बैलेंस शीट में सबसे अहम सुधारों में से एक कर्ज के दबाव में आई कमी है। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio), जो बताता है कि कंपनी की संपत्ति का कितना हिस्सा कर्ज से वित्तपोषित है, FY22 के 0.52 से सुधरकर FY26 में 0.16 हो गया है। इसके अलावा, कंपनी की ब्याज चुकाने की क्षमता भी बढ़ी है, जिसमें इंटरेस्ट कवरेज रेशियो (Interest Coverage Ratio) पिछले चार सालों में 6.07 से बढ़कर 10.92 हो गया है।

ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) भी बेहतर हुई है, जिसके चलते FY26 में ऑपरेटिंग एक्टिविटी से कैश फ्लो ₹3,667 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹1,823 करोड़ से दोगुना से भी ज्यादा है। इस मजबूत कैश जनरेशन ने पूरे वित्तीय वर्ष के लिए ₹149 करोड़ के पॉजिटिव नेट कैश फ्लो (Net Cash Flow) को सपोर्ट किया। ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी अब कर्ज पर ज्यादा निर्भर हुए बिना अपने ऑपरेशंस और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए आंतरिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर सकती है।

डिविडेंड (Dividend) और भविष्य की रणनीति

वित्तीय प्रदर्शन के अलावा, कंपनी ने ₹2.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) घोषित किया है। इससे पहले इसी साल ₹3.50 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) भी बांटा जा चुका है। भविष्य को देखते हुए, निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या कंपनी कच्चे माल की कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव के बीच अपने प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) को बनाए रख पाती है या नहीं। रबर जैसी चीजों की कीमतें टायर निर्माताओं की प्रॉफिटेबिलिटी को अक्सर प्रभावित करती हैं। कंपनी की वर्तमान ग्रोथ को बनाए रखने और कैपिटल एलोकेशन (Capital Allocation) को मैनेज करने की क्षमता आने वाली तिमाहियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.