3M India के शेयर आज **₹35,760** के स्तर पर पहुंच गए। कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर में **₹4,189 करोड़** का शानदार रेवेन्यू पेश किया और **₹506 प्रति शेयर** का कुल डिविडेंड (Dividend) घोषित किया है। निवेशकों को लगातार मुनाफा बढ़ने और अच्छे रिटर्न का भरोसा मिला है, जिसके चलते शेयर में तेजी देखी जा रही है।
शुक्रवार को 3M India के शेयरों में 2.35% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह ₹35,760 पर ट्रेड करने लगे। यह उछाल कंपनी द्वारा मार्च 2024 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के मजबूत प्रदर्शन के खुलासे के बाद आया है। इस अवधि के दौरान, कंपनी ने ₹4,189.36 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹3,959.37 करोड़ से एक उल्लेखनीय वृद्धि है। नेट प्रॉफिट (Net Profit) में भी ₹583.42 करोड़ का इजाफा हुआ, जो पिछले साल के ₹451.02 करोड़ की तुलना में काफी ज्यादा है। इस मजबूती के चलते कंपनी की अर्निंग पर शेयर (EPS) बढ़कर ₹517.90 हो गई।
यह रफ्तार चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में भी जारी रही। जून 2024 को समाप्त तिमाही के लिए, कंपनी ने ₹157.15 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹129.21 करोड़ से अधिक है। इस तिमाही के मुनाफे से ईपीएस (EPS) ₹139.50 तक पहुंच गया, जो कंपनी की कमाई क्षमता में निरंतर वृद्धि का संकेत देता है।
डिविडेंड और ऑपरेशनल अपडेट्स
निवेशकों की भावना को कंपनी की हालिया डिविडेंड घोषणाओं से भी बल मिला है। वित्तीय वर्ष 2026 के लिए, 3M India ने ₹160.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड और ₹346.00 प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है। ये भुगतान, जो 17 जुलाई, 2026 से प्रभावी हुए, शेयरधारकों को पूंजी की अच्छी वापसी का प्रतिनिधित्व करते हैं। बाजार में ऐसी कार्रवाइयों को अक्सर मजबूत कैश फ्लो मैनेजमेंट और भविष्य की लिक्विडिटी में विश्वास का संकेत माना जाता है।
हालांकि वित्तीय नतीजे सकारात्मक रहे हैं, कंपनी ने एक ऑपरेशनल समस्या का भी उल्लेख किया है। 24 जुलाई, 2026 को, 3M India ने भारी बारिश के कारण अहमदाबाद में अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को अस्थायी रूप से बंद करने की सूचना दी थी। मैन्युफैक्चरिंग-संचालित क्षेत्रों में, इस तरह की रुकावटों से उत्पादन में देरी या लॉजिस्टिक्स संबंधी चुनौतियां हो सकती हैं। निवेशक आमतौर पर इस बात पर नजर रखते हैं कि क्या ऐसी बंदी का अगली तिमाही के उत्पादन लक्ष्यों या ऑपरेटिंग मार्जिन पर कोई खास असर पड़ता है।
आगे देखते हुए, बाजार 14 अगस्त, 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर केंद्रित है। इस मीटिंग के दौरान, कंपनी से 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। शेयरधारक संभवतः अपने प्रमुख सेगमेंट में मांग के रुझानों और व्यापक उद्योग लागत दबावों के सामने कंपनी के मार्जिन प्रदर्शन को बनाए रखने की क्षमता के बारे में अपडेट की तलाश करेंगे। रेवेन्यू में वृद्धि को बनाए रखते हुए ऑपरेशनल जोखिमों का प्रबंधन करना बाजार विश्लेषकों के लिए रुचि का एक केंद्रीय बिंदु बना रहेगा।
