7-Seater EV Market: बड़ी फैमिलीज़ की डिमांड रॉकेट बनी! भारत में इन कारों की पूछ बढ़ी

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AuthorSaanvi Reddy | Whalesbook News Team

Overview

भारत का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट अब बड़ी फैमिलीज़ की ओर तेजी से मुड़ रहा है। खासतौर पर 7-सीटर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) की डिमांड जबरदस्त रफ्तार पकड़ रही है। VinFast, Mahindra & Mahindra, BYD, JSW MG और Kia जैसी बड़ी ऑटो कंपनियां इस बढ़ते सेगमेंट में नए मॉडल लॉन्च कर रही हैं, ताकि बड़े परिवारों की जरूरतों को पूरा किया जा सके।

7-सीटर EVs की रेस में नए खिलाड़ी

यह नया ट्रेंड भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव ला रहा है। अब कंपनियां सिर्फ छोटी कारों पर ध्यान नहीं दे रहीं, बल्कि बड़ी SUVs और MPVs की ओर बढ़ रही हैं, जो फैमिलीज़ के लिए खास तौर पर बनाई जा रही हैं। 7-सीटर इलेक्ट्रिक कारें इस नए फोकस का अहम हिस्सा हैं। वियतनामी कंपनी VinFast इस बढ़ते सेगमेंट में VF MPV7 लॉन्च करके उतरी है। इसके साथ ही, भारत की Mahindra & Mahindra, चीन की BYD, JSW MG और दक्षिण कोरिया की Kia जैसी कंपनियां भी इस रेस में शामिल हो चुकी हैं। कार निर्माता मानते हैं कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए एक बड़ा मार्केट गैप है, खासकर उन कारों के लिए जिनमें 7 वयस्क आराम से बैठ सकें और जो शहर व लंबी यात्राओं के लिए अच्छी रेंज दे सकें।

बिक्री में 5 गुना उछाल का अनुमान

S&P Global Mobility के अनुमान चौंकाने वाले हैं। वे इस सेगमेंट में बिक्री में करीब पांच गुना (5x) बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं। जहां 2025 में यह आंकड़ा 10,000 यूनिट से भी कम रहने की उम्मीद थी, वहीं इस साल यह 50,000 यूनिट को पार कर सकता है। आने वाले समय में और भी नए मॉडलों के लॉन्च होने की उम्मीद है, जो इस सेगमेंट के तेज विस्तार की ओर इशारा करते हैं।

रेंज और कीमत का संतुलन

ये गाड़ियां ₹17 लाख से लेकर ₹75 लाख तक के प्राइस रेंज में आ रही हैं। निर्माता इनकी ड्राइविंग रेंज पर जोर दे रहे हैं, जो अक्सर 400 किलोमीटर से ज़्यादा और कुछ मॉडलों में 679 किलोमीटर तक का दावा करती हैं। हालांकि, असल दुनिया में यह रेंज सर्टिफाइड आंकड़ों से 20-30% कम मिल सकती है।

GST और EV मार्केट ग्रोथ का फायदा

S&P Global Mobility के डायरेक्टर, पुनीत गुप्ता के मुताबिक, 7-सीटर इलेक्ट्रिक SUV का आर्थिक आकर्षण काफी मजबूत है। इसका एक बड़ा कारण भारत का इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए अनुकूल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) भी है। सभी निर्माताओं से नए मॉडलों की बढ़ती संख्या उपभोक्ताओं के लिए विकल्पों को बढ़ा रही है और इन्हें अपनाने की रफ्तार तेज कर रही है। ये गाड़ियां फैमिलीज़ के लिए प्रीमियम कंफर्ट, सुरक्षा और आरामदायक इंटीरियर का संतुलन बनाने का लक्ष्य रखती हैं।

समग्र इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट का बढ़ता सपोर्ट भी एक अहम फैक्टर है। भारत में पैसेंजर EV रजिस्टrations मार्च में 22,000 यूनिट के आंकड़े को पार कर गई, जो दो साल पहले 5,000-6,000 यूनिट थी। इससे कुल EV मार्केट शेयर बढ़कर 5% हो गया है, जो दो साल में दोगुना हुआ है।

चुनौतियों पर एक नज़र

हालांकि, कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। शहरों के बीच यात्रा के लिए फास्ट-चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता और विश्वसनीयता अभी भी एक समान नहीं है। इन बड़ी इलेक्ट्रिक गाड़ियों में से कई की कीमत औसत मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए अभी भी बहुत ज़्यादा है। फिलहाल, मुख्य खरीदार ऐसे संपन्न शहरी परिवार हैं जो स्पेस, आधुनिक फीचर्स और इलेक्ट्रिक पावर की तलाश में हैं।

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