भारत का यूज्ड कार मार्केट नई कारों से आगे निकला! क्या बड़े विकास की उम्मीद है?

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AuthorSimar Singh|Published at:
भारत का यूज्ड कार मार्केट नई कारों से आगे निकला! क्या बड़े विकास की उम्मीद है?
Overview

वित्त वर्ष 2024-25 में, भारत में लगभग 6 मिलियन यूज्ड कारें बिकीं, जो नई कार बिक्री से काफी अधिक हैं। प्री-ओन्ड कार मार्केट के 10% की वार्षिक दर से बढ़ने का अनुमान है, जो 2030 तक 9.5 मिलियन यूनिट तक पहुंच जाएगा। स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स (एसयूवी) अब इस बाजार का 50% से अधिक हिस्सा हैं, और औसत बिक्री मूल्य चार वर्षों में 36% बढ़ गया है। इसके आकार के बावजूद, बाजार अभी भी काफी हद तक असंगठित है, हालांकि संगठित प्लेटफार्मों की पैठ बढ़ रही है।

इंडियन ब्लू बुक का 7वां संस्करण, जो कार&बाइक द्वारा महिंद्रा फर्स्ट चॉइस और वोक्सवैगन प्री-ओन्ड सर्टिफाइड की रिपोर्ट है, भारत के बढ़ते प्री-ओन्ड कार मार्केट का खुलासा करता है। FY25 में, लगभग 5.9 मिलियन यूज्ड कारें बेची गईं, जो इसी अवधि में बिकने वाली 4.5-4.6 मिलियन नई कारों से अधिक है। इस सेगमेंट के 10% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ने का अनुमान है, जो 2030 तक 9.5 मिलियन यूनिट तक पहुंच सकता है। यूज्ड कार मार्केट का अनुमानित मूल्य लगभग 4 लाख करोड़ रुपये है। एक महत्वपूर्ण प्रवृत्ति प्रीमियमकरण की ओर है, जिसमें स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स (एसयूवी) अब यूज्ड कार बिक्री का 50% से अधिक हिस्सा हैं, जो चार साल पहले 23% था। इसी अवधि में औसत बिक्री मूल्य में भी 36% की तेज वृद्धि देखी गई है। हालांकि, बाजार अभी भी मुख्य रूप से असंगठित है, जिसका अनुमानित 70% हिस्सा अपंजीकृत संस्थाओं, सड़क किनारे गैरेज और निजी बिक्री द्वारा नियंत्रित होता है। इसके बावजूद, संगठित प्लेटफार्मों द्वारा विश्वास और सेवा में सुधार किया जा रहा है, जो यूज्ड कारों की धारणा को एक फॉलबैक विकल्प से एक पसंदीदा विकल्प में बदल रहे हैं। खरीदार, विशेष रूप से गैर-मेट्रो शहरों से (68% यूज्ड खरीदने की संभावना), गुणवत्ता, सुरक्षा और विनिर्देशों को तेजी से महत्व दे रहे हैं, मजबूत ब्रांड निष्ठा दिखा रहे हैं, जिसमें 42% लोग उसी ब्रांड को दोबारा खरीदने को तैयार हैं। प्रभाव: यह खबर भारतीय ऑटोमोटिव क्षेत्र में उपभोक्ता वरीयता और बाजार की गतिशीलता में एक महत्वपूर्ण बदलाव को उजागर करती है। संगठित यूज्ड कार मार्केट का तेजी से विकास निर्माताओं के लिए अवसर प्रस्तुत करता है जिनके पास स्थापित प्री-ओन्ड वाहन कार्यक्रम और तीसरे पक्ष के यूज्ड कार प्लेटफॉर्म हैं। यह नई कार बिक्री रणनीतियों और आफ्टरमार्केट सेवाओं को भी प्रभावित कर सकता है। बढ़ती हुई मूल्य और मात्रा भारत में एक परिपक्व ऑटोमोटिव पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत देती है, जो वित्तपोषण और बीमा क्षेत्रों को भी प्रभावित कर सकती है। रेटिंग: 7/10।

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