हैदराबाद में Tesla का नया ठिकाना
Tesla का यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार में उसकी गहरी रुचि को दर्शाता है। देश भर में चार शोरूम खोलने के बाद, हैदराबाद को सेल्स और सर्विस सेंटर के लिए चुनना ग्राहक सेवा और सपोर्ट को बेहतर बनाने की एक सोची-समझी रणनीति है।
क्यों चुना हैदराबाद?
Telangana का EV विकास के लिए सहायक माहौल, जिसमें सेमीकंडक्टर डिजाइन, ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और डीप टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में इसकी ताकत शामिल है, Tesla के फोकस के साथ अच्छी तरह मेल खाता है। राज्य की 2020 की EV पॉलिसी का लक्ष्य इसे EV मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी स्टोरेज का हब बनाना है। तेलंगाना में EV को अपनाने की दर में भी काफी बढ़ोतरी हुई है, जिसका एक कारण रोड टैक्स में छूट जैसे इंसेंटिव हैं।
आगे की रणनीति
हैदराबाद में सेंटर खोलना Tesla की भारतीय बाजार रणनीति का एक अहम हिस्सा है। हालांकि, गीगाफैक्ट्री (Gigafactory) और एक किफायती मॉडल जैसे मैन्युफैक्चरिंग प्लान पर भी विचार किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल फोकस सेल्स और सर्विस सेंटर पर है। भारत का EV बाजार 2034 तक $191.04 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। तेलंगाना में FY 2023-24 में EV का इस्तेमाल 5.40% तक पहुंच गया है, जो नवंबर 2020 में सिर्फ 0.2% था। तेलंगाना के मिनिस्टर डी. श्रीधर बाबू ने टेक्नोलॉजी और औद्योगिक निवेश को सपोर्ट करने की प्रतिबद्धता जताई है, जो Tesla के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है।
भविष्य की उम्मीदें
इस नए सेंटर से भारत में Tesla की ग्राहक सेवा और बाजार में मौजूदगी बढ़ने की उम्मीद है। मिनिस्टर बाबू ने Tesla को Telangana में EV मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी अवसर तलाशने के लिए आमंत्रित किया है। यह भारत के व्यापक विद्युतीकरण लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य 2030 तक 30% कार बिक्री इलेक्ट्रिक वाहनों से हासिल करना है।
