Tata Motors का Jaguar Land Rover पर कसा शिकंजा, घाटे के बाद बोर्ड में बड़े बदलाव

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AuthorNeha Patil|Published at:
Tata Motors का Jaguar Land Rover पर कसा शिकंजा, घाटे के बाद बोर्ड में बड़े बदलाव
Overview

Tata Motors अपनी ब्रिटिश लग्जरी कार कंपनी Jaguar Land Rover (JLR) के ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित कर रहा है। कंपनी ने JLR के बोर्ड को छोटा कर एक चुस्त एग्जीक्यूटिव कमेटी बनाई है। इस कदम से भारतीय मैनेजमेंट का कंट्रोल बढ़ेगा और FY26 के भारी घाटे के बाद कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी और कैश फ्लो को सुधारा जाएगा।

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JLR पर Tata Motors का टाइट कंट्रोल

Tata Motors अपनी ब्रिटिश लग्जरी कार ब्रांड Jaguar Land Rover (JLR) पर अब ज्यादा सख्त नियंत्रण रखने जा रही है। पहले के 'हैंड्स-ऑफ' मैनेजमेंट स्टाइल से हटकर, कंपनी ने JLR के ऑपरेटिंग बोर्ड को 13 सदस्यों से घटाकर सिर्फ 3 का कर दिया है। यह बड़ा बदलाव पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY26) में कंपनी को हुए भारी घाटे के बाद आया है।

नया गवर्नेंस स्ट्रक्चर

इस नए स्ट्रक्चर में, चीफ एग्जीक्यूटिव P.B. Balaji, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर Richard Molyneux और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Al-Noor Ramji जैसे 3 मुख्य सदस्य शामिल होंगे। इसके साथ ही, Balaji की अगुवाई में 13 सदस्यों की एक एग्जीक्यूटिव कमेटी भी बनाई गई है। इस कमेटी का मुख्य काम कंपनी के प्रॉफिट और कैश फ्लो को बढ़ाना है। इस कमेटी में चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर Balaje Rajan और चीफ ग्रोथ ऑफिसर Lennard Hoornik जैसे अहम लोग शामिल हैं। इनकी जिम्मेदारियों में लागत में कटौती, चीन जैसे मार्केट्स में मुनाफा बढ़ाना और डिजिटल प्रोडक्टिविटी को बेहतर बनाना शामिल है। अगले 18 महीनों में नए ऑल-इलेक्ट्रिक मॉडल्स, जैसे Range Rover Electric और Jaguar Type 01 GT को सफलतापूर्वक लॉन्च करना भी एक बड़ी प्राथमिकता है।

घाटे की वजह से बदले हालात

FY26 में JLR को करीब £244 मिलियन का नेट लॉस हुआ, वहीं £2.2 बिलियन का भारी कैश आउटफ्लो भी देखा गया। इस खराब प्रदर्शन के पीछे कई वजहें रहीं, जैसे कि एक बड़ा साइबर अटैक, अमेरिका में बढ़े टैरिफ, चीन में घटती मांग और Jaguar ब्रांड को ऑल-इलेक्ट्रिक फ्यूचर के लिए तैयार करने की भारी लागत। इन मुश्किलों के बावजूद, Tata Motors ने अपने भारतीय बाजार में शानदार प्रदर्शन किया है, जहां पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में ग्रोथ और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई।

एनालिस्ट्स की राय और टारगेट

एनालिस्ट्स का मानना है कि JLR के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को Tata Motors के डोमेस्टिक ऑपरेशंस के बराबर लाने के लिए यह गवर्नेंस बदलाव जरूरी है। WealthMills Securities के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट Kranthi Bathini ने कहा, "JLR, Tata Motors के वैल्यूएशन को बढ़ाने वाला सबसे अहम फैक्टर है, लेकिन यह अर्निंग्स में सबसे ज्यादा वोलेटिलिटी का सोर्स भी बन गया है।" उनका मानना है कि यह बदलाव JLR में भी उसी तरह के ऑपरेशनल डिसिप्लिन को लाने का संकेत देता है, जिसने Tata Motors के इंडिया बिजनेस को सुधारा था। Jefferies, BofA Securities और JPMorgan जैसी इन्वेस्टमेंट फर्म्स ने JLR की अर्निंग्स की अस्थिरता और कर्ज को निवेशकों के लिए चिंता का विषय बताया है। कंपनी का लक्ष्य अगले 2 सालों में लागत और वारंटी खर्चों में कटौती करके £1.7 बिलियन की बचत करना है। साथ ही, हर साल लगभग 300,000 व्हीकल की बिक्री पर कैश ब्रेक-ईवन हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

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