ऑपरेशनल सुधारों से बढ़ी डिमांड
Ola Electric वित्त वर्ष 2027 तक एक बड़े बदलाव के लिए तैयार है, जिसकी मुख्य वजह बढ़ती डिमांड और कड़े लागत नियंत्रण (Cost Control) हैं। कंपनी के फाउंडर Bhavish Aggarwal ने बताया कि पिछले कुछ क्वार्टर में कंपनी ने एफिशिएंसी (Efficiency) और कस्टमर सर्विस को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे ग्रोथ की राह आसान हुई है। मार्च के मध्य से बिक्री में तेजी देखी गई है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए, कंपनी 40,000-45,000 ऑर्डर और ₹500-550 करोड़ के रेवेन्यू का अनुमान लगा रही है, जो पिछले क्वार्टर के मुकाबले दोगुना प्रदर्शन है। गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन मार्च में करीब 10,000 से बढ़कर मई में 14,000-15,000 तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे प्रोडक्शन का बैकलॉग (Backlog) तैयार हो गया है, और इन्वेंटरी डेज़ (Inventory Days) घटकर सिर्फ तीन से चार रह गए हैं, जो मजबूत मार्केट एब्जॉर्प्शन (Market Absorption) का संकेत है।
मुनाफे की ओर रास्ता और मार्जिन ग्रोथ
Ola Electric की मुनाफे की योजना 20,000-25,000 मासिक यूनिट पर ब्रेक-ईवन हासिल करने पर निर्भर करती है। यह लक्ष्य प्रोडक्ट मिक्स (Product Mix) और कमोडिटी कीमतों (Commodity Prices) में बदलाव के अधीन है। डिमांड में मौजूदा उछाल से मासिक वॉल्यूम इस ब्रेक-ईवन पॉइंट के करीब पहुंचने की उम्मीद है, जो बेहतर सर्विस और इन्वेंटरी उपलब्धता से समर्थित है। कंपनी ने मार्जिन में काफी सुधार किया है। Q4 FY26 में कंसोलिडेटेड ग्रॉस मार्जिन (Consolidated Gross Margins) बढ़कर 38.5% हो गया, जो पिछले साल के 13.7% से काफी ज्यादा है। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) लाभों को छोड़कर, ग्रॉस मार्जिन 33.5% तक पहुंच गया, जो इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग (Integrated Manufacturing) की सफलता को दर्शाता है।
लागत में कटौती और पॉजिटिव कैश फ्लो
Ola Electric ने अपने खर्चों में भारी कटौती की है। Q4 FY25 में ₹844 करोड़ की तुलना में Q4 FY26 में कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग खर्च (Consolidated Operating Expenses), जिसमें लीज कॉस्ट (Lease Costs) भी शामिल है, घटकर ₹428 करोड़ रह गया। आगे और भी कटौती की उम्मीद है, जिसमें इंटीग्रेटेड मॉडल से मिलने वाले हाई ऑपरेटिंग लिवरेज (Operating Leverage) के कारण आने वाले क्वार्टरों में मासिक ऑपरेटिंग खर्च ₹100-120 करोड़ तक गिर सकते हैं। कंपनी ने Q4 FY26 में अपना पहला कैश फ्लो पॉजिटिव क्वार्टर दर्ज किया, जिसमें कंसोलिडेटेड कैश फ्लो फ्रॉम ऑपरेशंस (CFO) ₹91 करोड़ रहा। अकेले ऑटोमोटिव डिवीजन ने ₹213 करोड़ का ऑपरेटिंग कैश फ्लो और ₹173 करोड़ का फ्री कैश फ्लो उत्पन्न किया, जो भारी खर्च से अनुशासित विस्तार की ओर बदलाव दिखाता है।
प्रोडक्ट लाइनअप और भविष्य की योजनाएं
उम्मीद के मुताबिक FY27 की रिकवरी को बनाए रखने के लिए प्रोडक्ट क्वालिटी और सर्विस में सुधार महत्वपूर्ण है। Gen 3 प्लेटफॉर्म की वजह से वारंटी खर्च FY25 में ₹500 करोड़ से अधिक से घटकर FY26 में ₹59 करोड़ रह गया। Ola Electric भविष्य की बिक्री और ग्राहकों की प्रतिक्रिया को लेकर आश्वस्त है। इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलें एक प्रमुख योगदानकर्ता बन रही हैं, जो कुल वॉल्यूम का लगभग 15% हैं और अपने सेगमेंट में 50% से अधिक मार्केट शेयर रखती हैं। Roadster मॉडल उत्तरी भारत में लोकप्रिय है, लेकिन सप्लाई की समस्याएं इसके विकास को सीमित कर रही हैं। FY27 के लिए, Ola Electric बिना किसी बड़े नए निवेश के उत्पादन बढ़ाने की योजना बना रही है, क्योंकि मुख्य कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) चरण लगभग पूरा हो चुका है। वार्षिक रखरखाव के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर का अनुमान ₹50 करोड़ है।
