कंज्यूमर मार्केट में बड़ी गिरावट!
Ola Electric ने कंज्यूमर मार्केट में अपनी पकड़ खो दी है। कंपनी के शेयर 35% से घटकर 3-5% रह गए हैं। ऐसे में कंपनी ने अब बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) यानी कमर्शियल सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है। इसके लिए Ola Electric ने डिलीवरी सेवाओं के लिए खास तौर पर एक नई इलेक्ट्रिक स्कूटर तैयार की है। इस L1-कैटेगरी की गाड़ी को ARAI से हरी झंडी मिल गई है और यह S1 X Gen3 प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इसमें 2 kWh से लेकर 4 kWh तक की बैटरी का ऑप्शन मिलेगा और टॉप स्पीड 70 kmph तक होगी।
भारी नुकसान और गिरता हुआ रेवेन्यू
कंपनी के लिए मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में Ola Electric का रेवेन्यू 57% गिरकर ₹265 करोड़ रह गया। वहीं, इसी अवधि में कंपनी को ₹500 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि उन्हें पहली बार पॉजिटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो (Operating Cash Flow) मिला है, लेकिन यह सरकारी इंसेंटिव की वजह से है।
निवेशकों का भरोसा डगमगाया
Ola Electric लगातार ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना कर रही है। सर्विसिंग में देरी और 10,000 से ज्यादा ग्राहकों की शिकायतें, जिनमें प्रोडक्ट में खराबी और फंक्शनिंग की दिक्कतें शामिल हैं, अभी भी अनसुलझी हैं। इस बीच, कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (Central Consumer Protection Authority) और SEBI (Securities and Exchange Board of India) जैसी रेगुलेटरी बॉडीज बुकिंग और रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी की जांच कर रही हैं। ऑडिटर्स ने भी कंपनी की गोइंग कंसर्न (Going Concern) क्षमता पर सवाल उठाए हैं, जिसके चलते कंपनी लिक्विडिटी जुटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (Qualified Institutional Placement) लाने की योजना बना रही है।
भविष्य की उम्मीदें
Ola Electric को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में 40,000 से 45,000 ऑर्डर मिल सकते हैं, जिससे ₹500-550 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट होने का अनुमान है। कंपनी का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह सर्विसिंग की दिक्कतों को कितनी जल्दी दूर करती है। साथ ही, 2026 के अंत तक इन-हाउस सेल प्रोडक्शन (In-house Cell Production) शुरू करना भी एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
