Ola Electric Share Price: रेवेन्यू में भारी गिरावट! शेयर **5%** लुढ़का, निवेशकों की बढ़ी चिंता

AUTO-NEWS
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Ola Electric Share Price: रेवेन्यू में भारी गिरावट! शेयर **5%** लुढ़का, निवेशकों की बढ़ी चिंता
Overview

Ola Electric के निवेशकों के लिए बुरी खबर आई है। कंपनी के शेयर **5%** से ज़्यादा गिर गए हैं। वजह है Q4 FY26 के नतीजे, जिनमें रेवेन्यू में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

लगातार घटता रेवेन्यू, बढ़ता दबाव

Ola Electric Mobility Ltd. के शेयरों में 5% से ज़्यादा की गिरावट आई है। कंपनी ने Q4 FY26 के नतीजे जारी किए, जिसमें नेट लॉस को ₹500 करोड़ तक कम करने में सफलता मिली, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹870 करोड़ था। लेकिन, यह अच्छी खबर रेवेन्यू में आई 56.6% की भारी गिरावट पर भारी पड़ी। कंपनी का रेवेन्यू ₹611 करोड़ से घटकर ₹265 करोड़ पर आ गया। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। Ola Electric का मार्केट कैप फिलहाल लगभग ₹16,302 करोड़ है।

मार्जिन सुधरा, पर रेवेन्यू पर सवाल?

एक तरफ जहाँ रेवेन्यू घटा, वहीं कंपनी ने Q4 FY26 में ₹91 करोड़ का पॉजिटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो दर्ज किया। यह प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI), बेहतर ग्रॉस मार्जिन, घटे ऑपरेटिंग खर्च और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट का नतीजा है। ग्रॉस मार्जिन 13.7% से बढ़कर 38.5% हो गया। हालांकि, कंपनी ने चेतावनी दी है कि कमोडिटी की कीमतें और ग्रोथ बढ़ाने की स्ट्रैटेजी मार्जिन को प्रभावित कर सकती हैं।

मैनेजमेंट का भरोसा vs एनालिस्ट की शंका

Ola Electric के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Bhavish Aggarwal ने कंज्यूमर डिमांड में रिकवरी की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि कम इन्वेंटरी और बैकलॉग्स अच्छे संकेत हैं। कंपनी सर्विस और ऑपरेशनल कॉस्ट को ठीक करने के बाद नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की भी तैयारी कर रही है। लेकिन, एनालिस्ट अभी भी थोड़े आशंकित हैं। Citigroup ने टारगेट प्राइस बढ़ाया है, पर 'Sell' रेटिंग बरकरार रखी है। उनका मानना है कि मार्जिन सुधरने के बावजूद, वॉल्यूम ग्रोथ की कमी से प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ेगा। ज़्यादातर एनालिस्ट्स की रेटिंग 'Sell' है और एवरेज टारगेट प्राइस ₹30.00 है, जो मौजूदा भाव से 18.83% नीचे है।

चुनौतियाँ और रेगुलेटरी मुद्दे

Ola Electric अभी भी कई मुश्किलों का सामना कर रही है। मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट्स, सर्विस में देरी और गलत विज्ञापनों की शिकायतों के कारण Central Consumer Protection Authority (CCPA) जैसी रेगुलेटरी बॉडीज़ की नज़र कंपनी पर है। CEO Bhavish Aggarwal को एक कंज्यूमर कोर्ट से खराब स्कूटर के मामले में पेश न होने पर बेल पर वारंट का सामना भी करना पड़ा है। कंपनी की अंदरूनी कार्यशैली और अनरियलिस्टिक डेडलाइन को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं, जिससे एम्प्लॉई टर्नओवर ज़्यादा है। EV टू-व्हीलर मार्केट में Ather Energy (लगभग ₹348.3 बिलियन मार्केट कैप) और TVS Motor Company (₹1.6 ट्रिलियन मार्केट कैप) जैसे बड़े खिलाड़ियों से भी कड़ी प्रतिस्पर्धा है।

आने वाले क्वार्टर्स का अनुमान

Ola Electric को उम्मीद है कि Q1 FY27 में ऑर्डर्स बढ़कर 40,000 से 45,000 यूनिट तक पहुँच जाएंगे, जो Q4 FY26 के मुकाबले लगभग दोगुने होंगे। कंपनी का लक्ष्य 20,000-25,000 यूनिट की मंथली सेल्स पर EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल करना है। Gigafactory ऑपरेशंस को बढ़ाना और बैटरी सेल टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाना कंपनी की प्राथमिकता है। हालांकि, एनालिस्ट्स का कहना है कि मौजूदा वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए लगातार वॉल्यूम ग्रोथ और ऑपरेशनल सुधार बहुत ज़रूरी हैं।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.