FY26 में भारतीय ऑटो बाज़ार में उछाल
वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारतीय ऑटोमोटिव सेक्टर का प्रदर्शन शानदार रहा, जिसमें कुल बिक्री 2.83 करोड़ वाहनों के करीब पहुंच गई। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से मिली मजबूत मांग ने इस ग्रोथ को बढ़ावा दिया।
महाराष्ट्र यात्री और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में अव्वल
FY26 में यात्री वाहनों (PVs) और वाणिज्यिक वाहनों (CVs) के लिए महाराष्ट्र टॉप मार्केट रहा। यहां 5.64 लाख PV यूनिट्स और 1.61 लाख CV यूनिट्स बेची गईं। पश्चिमी भारत क्षेत्र ने भी इसमें योगदान दिया, जहां कुल 15.28 लाख PV यूनिट्स और 3.98 लाख CV यूनिट्स की बिक्री हुई।
उत्तर प्रदेश ने दोपहिया और तिपहिया वाहनों की मांग बढ़ाई
उत्तर प्रदेश FY26 में दोपहिया (2W) और तिपहिया (3W) वाहनों की बिक्री में सबसे आगे रहा। राज्य में 31.8 लाख 2W यूनिट्स और लगभग 99,000 3W यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई। इससे राज्य की हाई-वॉल्यूम मोबिलिटी सेगमेंट में अहमियत का पता चलता है, वहीं दक्षिणी भारत में भी 3W बाजार में अच्छी पकड़ देखी गई।
राष्ट्रीय बिक्री ने रिकॉर्ड बनाए
सभी सेगमेंट में, भारत के ऑटो उद्योग ने स्वस्थ विस्तार दिखाया। वित्तीय वर्ष के लिए यात्री वाहनों (PVs) की बिक्री रिकॉर्ड 46.43 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई, जिसका मुख्य कारण यूटिलिटी वाहनों (UVs) की जबरदस्त मांग रही। दोपहिया (2W) सेगमेंट में 2.17 करोड़ यूनिट्स बिकीं, जबकि वाणिज्यिक वाहनों (CVs) और तिपहिया (3W) वाहनों का योगदान क्रमशः 10.80 लाख और 8.36 लाख यूनिट्स रहा। यह प्रदर्शन देश भर में मजबूत उपभोक्ता भावना और आर्थिक गतिविधि का संकेत देता है।
आगे विविध विकास की राह
जहां महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय बिक्री में आगे हैं, वहीं समग्र बाजार की मजबूती व्यापक मांग को दर्शाती है। यूटिलिटी वाहनों (UVs) की निरंतर सफलता और अन्य सेगमेंट में स्थिर मांग एक विविध विकास पथ की ओर इशारा करती है। यह क्षेत्र आर्थिक विकास और बदलते उपभोक्ता रुझानों से लाभान्वित होने के लिए तैयार है, हालांकि क्षेत्रीय आर्थिक अंतर भविष्य की बिक्री के पैटर्न को प्रभावित कर सकते हैं।
