एग्री-टेक कंपनी Wingsure ने COFFEA नाम का एक नया AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह टूल खेतों के स्तर पर सस्टेनेबिलिटी और रिस्क डेटा को डिजिटल तरीके से वेरिफाई करेगा, जिससे बीमा कंपनियों के लिए काम का बोझ और लागत काफी कम हो जाएगी।
एग्री-टेक सेक्टर में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच, Wingsure ने 'COFFEA' प्लेटफॉर्म पेश किया है। इसका मुख्य मकसद कॉफी सप्लाई चेन में बिखरे हुए डेटा को व्यवस्थित करना है। अब तक ग्रामीण और दूरदराज के छोटे खेतों से सटीक और वेरिफिएबल जानकारी जुटाना बीमा कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है।
ग्रामीण डेटा की गैप को भरने की कोशिश
छोटे किसानों की खेती के तौर-तरीकों को समझने के लिए अब तक कंपनियां मैन्युअल सर्वे पर निर्भर थीं, जो काफी खर्चीला और धीमा प्रोसेस है। Wingsure अब इसे डिजिटल रिकॉर्ड में बदल रहा है। इस प्लेटफॉर्म में ऑगमेंटेड रियलिटी, कंप्यूटर विजन और वॉयस रिकॉग्निशन जैसे फीचर्स हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि ये टूल बिना इंटरनेट के भी काम कर सकते हैं, जिससे दुर्गम इलाकों में डेटा कलेक्शन आसान हो गया है।
एग्रीकल्चर इंश्योरेंस पर असर
Tata AIG General Insurance जैसी बड़ी कंपनियां पहले ही इस तकनीक का इस्तेमाल रूरल रिस्क को समझने के लिए कर रही हैं। ऑटोमेशन के जरिए बीमा कंपनियों का क्लेम वेरिफिकेशन में खर्च होने वाला समय और पैसा दोनों बचेगा। निवेशकों के नजरिए से देखें, तो यह 'प्रिसिजन अंडरराइटिंग' की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे एग्री-इंश्योरेंस सेक्टर की प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ने की संभावना है।
जोखिम और निगरानी
हालांकि टेक्नोलॉजी शानदार है, लेकिन इसके एडॉप्शन (adoption) में एग्जीक्यूशन का रिस्क भी है। बड़ी कॉफी कंपनियों और स्थानीय बीमाकर्ताओं का इसे कितनी तेजी से अपनाना होगा, यह देखने वाली बात होगी। निवेशकों को भविष्य में होने वाली पार्टनरशिप्स और क्लेम-प्रोसेसिंग लागत में आने वाली कमी पर नजर रखनी चाहिए।
