Wheat Sowing: किसानों और बाजार के लिए अच्छी खबर, नवंबर में बारिश से गेहूं की बुवाई को मिलेगी राहत

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Wheat Sowing: किसानों और बाजार के लिए अच्छी खबर, नवंबर में बारिश से गेहूं की बुवाई को मिलेगी राहत

India Meteorological Department (IMD) ने नवंबर में सामान्य से बेहतर बारिश का अनुमान जताया है। अक्टूबर की भीषण गर्मी और सूखे के बाद यह बारिश गेहूं की **121 मिलियन टन** की उत्पादन क्षमता को हासिल करने के लिए संजीवनी का काम करेगी।

राहत की खबर

कृषि सेक्टर के लिए राहत की बात यह है कि IMD ने रबी सीजन 2026-27 के लिए नए आउटलुक में मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। अक्टूबर का महीना 1901 के बाद से सबसे गर्म और छठा सबसे सूखा महीना रहा है, जहां तापमान 32.43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इस गर्मी ने मिट्टी की नमी को बुरी तरह प्रभावित किया था, जिससे बुवाई की चिंताएं बढ़ गई थीं।

राज्यों की स्थिति और चुनौतियां

भारत के सभी राज्यों की स्थिति एक जैसी नहीं है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के पास मजबूत नहर और ग्राउंडवाटर सिस्टम है, जो उन्हें किसी भी नमी की कमी से निपटने का बफर देता है। हालांकि, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों के लिए बारिश बहुत मायने रखती है क्योंकि वहां इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण वे मानसून और मौसमी बारिश पर अधिक निर्भर हैं।

महंगाई और प्रोडक्शन लक्ष्य

सरकार ने इस सीजन के लिए फूडग्रेन उत्पादन का लक्ष्य 177.72 मिलियन टन रखा है, जिसमें गेहूं का हिस्सा 121 मिलियन टन है। यदि नवंबर में अच्छी बारिश होती है, तो उत्पादन का लक्ष्य हासिल करना आसान होगा, जिससे फूड इंफ्लेशन को कंट्रोल करने में भी मदद मिलेगी। निवेशकों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे बारिश की प्रगति पर नजर रखें, क्योंकि इसका सीधा असर Reserve Bank of India (RBI) की पॉलिसी और एग्री-सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों के मुनाफे पर पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.