West Bengal: अपना मस्टर्ड ऑयल ब्रांड लाएगी ममता सरकार, बड़े ब्रांड्स को मिलेगी टक्कर

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AuthorNeha Patil|Published at:
West Bengal: अपना मस्टर्ड ऑयल ब्रांड लाएगी ममता सरकार, बड़े ब्रांड्स को मिलेगी टक्कर

West Bengal सरकार अब खुद का मस्टर्ड ऑयल (Mustard Oil) ब्रांड लॉन्च करने की तैयारी में है। इसका मकसद राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों पर निर्भरता कम करना और किसानों को आलू की जगह तिलहन उगाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

आत्मनिर्भरता की ओर कदम

West Bengal सरकार का यह नया प्रोजेक्ट 'Banglar Dairy' के मॉडल पर आधारित है। सहकारिता मंत्री अशोक कीर्तनिया के अनुसार, सरकार एक ऐसा इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन बनाना चाहती है जिससे राज्य को बाहरी राज्यों से आने वाले खाने के तेल पर निर्भर न रहना पड़े।

आंकड़ों का खेल और कृषि रणनीति

राज्य में इस साल आलू का उत्पादन जरूरत से 25 लाख टन ज्यादा हुआ है, जिससे किसानों को अक्सर कीमतों में भारी गिरावट का सामना करना पड़ता है। सरकार अब किसानों को सरसों, मूंगफली और सूरजमुखी की खेती के लिए प्रेरित कर रही है ताकि कृषि उत्पादों का संतुलन बना रहे। इस पूरे प्रोजेक्ट में National Dairy Development Board तकनीकी मदद और प्रोक्योरमेंट की जिम्मेदारी संभालेगा।

IIT Kharagpur का साथ

प्रोजेक्ट की सफलता के लिए सरकार ने IIT Kharagpur के साथ साझेदारी की है, जो बेहतर तेल निकालने की तकनीक और पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट पर रिसर्च करेगी। फिलहाल, 5 जिलों में करीब 525 एकड़ भूमि पर इसका पायलट प्रोग्राम चल रहा है।

बाजार में कड़ी चुनौती

एडिबल ऑयल के बाजार में Adani Wilmar, Marico और Emami Agrotech जैसी कंपनियां पहले से ही मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। इन प्राइवेट प्लेयर्स के पास जबरदस्त डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है। सरकारी ब्रांड के लिए चुनौती यह होगी कि वह कैसे अपनी ऑपरेशनल कॉस्ट कम रखे और क्वालिटी के साथ सप्लाई चेन को मजबूत करे। निवेशकों की नजर अब इस पायलट प्रोजेक्ट के नतीजों पर टिकी है कि क्या सरकार खेती से लेकर कंज्यूमर प्रोडक्ट तक के इस सफर को सफलतापूर्वक तय कर पाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.