UPL Ltd. अपने एग्रोकेमिकल (Agrochemical) बिजनेस को दो हिस्सों में बांटने की बड़ी रणनीति पर काम कर रही है। इस प्लान के तहत, कंपनी एक अलग, लिस्टेड (Listed) क्रॉप प्रोटेक्शन (Crop Protection) कंपनी, जिसे 'UPL Global' नाम दिया गया है, बनाने जा रही है। वहीं, मौजूदा UPL Ltd. एक डायवर्सिफाइड (Diversified) कंपनी के तौर पर काम करती रहेगी। लेकिन, इस बड़े कदम से निवेशक सहमे हुए नजर आ रहे हैं। 23 फरवरी 2026 को, कंपनी के शेयर करीब 7% तक लुढ़क गए। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि बाजार को कंपनी के दावों पर अभी पूरा भरोसा नहीं है, खासकर लेवरेज (Leverage) और डाइल्यूशन (Dilution) जैसी चिंताओं को लेकर।
यह रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) तीन फेज में पूरी की जाएगी। इसका मकसद बिजनेस को और ज्यादा फोकस (Focus) देना और कर्ज (Debt) कम करना है। नए प्लान के मुताबिक, शेयरधारकों को उनके मौजूदा UPL शेयरों के बदले 1:1 के अनुपात में नई कंपनी 'UPL Global' के शेयर भी मिलेंगे। यानी, आपके पास UPL के जितने शेयर होंगे, उतने ही शेयर आपको UPL Global के भी मिलेंगे। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि हर बिजनेस सेगमेंट का वैल्यूएशन (Valuation) स्पष्ट हो सके और ग्रोथ की राह आसान हो।
बाजार की इस नेगेटिव रिएक्शन (Negative Reaction) के बावजूद, कुछ ब्रोकरेज फर्म्स (Brokerage Firms) अभी भी UPL पर बुलिश (Bullish) हैं। Anand Rathi ने स्टॉक पर 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए ₹860 का टारगेट प्राइस (Target Price) दिया है। वहीं, दूसरी ओर Nuvama Institutional Equities ने लेवरेज और डाइल्यूशन (Dilution) की चिंताओं के चलते स्टॉक को 'Hold' पर डाउनग्रेड (Downgrade) कर दिया है और ₹816 का टारगेट दिया है। यह अलग-अलग राय बताती है कि एनालिस्ट्स (Analysts) भी इस रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) के नतीजों को लेकर थोड़ी दुविधा में हैं।
UPL के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसका बढ़ता कर्ज है। फाइनेंशियल ईयर 2024 में कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA (Net Debt-to-EBITDA) रेशियो बढ़कर 5.3 गुना हो गया था, जो फाइनेंशियल ईयर 2023 में 2 गुना से भी कम था। कंपनी का लक्ष्य कर्ज कम करना है, लेकिन इतने बड़े कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (Corporate Restructuring) के बीच यह कितना संभव होगा, यह देखना अहम होगा। इस डी-मर्जर (Demerger) को पूरा होने में करीब 12-15 महीने लग सकते हैं, जो अनिश्चितता का लंबा दौर है।
फिलहाल, UPL का P/E (Price-to-Earnings) रेशियो लगभग 22.5x से 36x के दायरे में है। इंडस्ट्री (Industry) के लिहाज़ से देखें तो क्रॉप प्रोटेक्शन मार्केट में अच्छी ग्रोथ का अनुमान है। माना जा रहा है कि यह 2026 तक 6.5% से 7.7% की CAGR (Compound Annual Growth Rate) से बढ़ेगा और 2030 तक इसका मार्केट साइज $100 बिलियन से ऊपर जा सकता है। हालांकि, बढ़ती इनपुट कॉस्ट (Input Cost) और कड़े रेगुलेटरी (Regulatory) नियम इस सेक्टर के लिए चुनौतियां पेश कर सकते हैं।
कंपनी का पिछले पांच सालों का सेल्स ग्रोथ (Sales Growth) 5.46% रहा है और रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) भी कम रहा है, जो कुछ विश्लेषकों के लिए चिंता का विषय है। अब UPL को इस रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) प्लान को सफलतापूर्वक लागू करना होगा और दोनों नई कंपनियों – UPL Ltd. और UPL Global – के लिए एक क्लियर वैल्यू प्रोपोजिशन (Clear Value Proposition) पेश करना होगा, ताकि निवेशकों का भरोसा वापस जीता जा सके।