UK Farmers को मिलेगी राहत: सूखा और गर्मी से निपटने के लिए £65 मिलियन का बड़ा ऐलान

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AuthorMehul Desai|Published at:
UK Farmers को मिलेगी राहत: सूखा और गर्मी से निपटने के लिए £65 मिलियन का बड़ा ऐलान

यूके के किसानों के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने भयंकर गर्मी और सूखे से जूझ रहे किसानों को मदद देने के लिए £65 मिलियन के एक बड़े फंड का ऐलान किया है। इस फंड का मकसद देश की फूड सप्लाई को सुरक्षित रखना और किसानों को पानी जमा करने के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में मदद करना है।

किसानों को कैसे मिलेगी मदद?

प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने इंग्लैंड के किसानों के लिए £65 मिलियन के फाइनेंशियल सपोर्ट पैकेज की घोषणा की है। देश में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और सूखे के हालात बने हुए हैं, जिससे खेती पर भारी असर पड़ रहा है। इस पैकेज के ज़रिए सरकार किसानों को राहत पहुंचाएगी।

फंड का क्या होगा इस्तेमाल?

इस फंड को दो हिस्सों में बांटा गया है। £50 मिलियन 'सस्टेनेबल फार्मिंग इंसेटिव 2026' (Sustainable Farming Incentive 2026) के तहत उन किसानों को दिए जाएंगे जो कम प्रोडक्शन और बढ़ी हुई लागत से जूझ रहे हैं। वहीं, बाकी बचे £15 मिलियन का इस्तेमाल खेतों में पानी जमा करने के लिए बड़े रिजर्वायर (reservoirs) बनाने में किया जाएगा। इसका मकसद भविष्य में पानी की कमी से निपटने के लिए किसानों की क्षमता बढ़ाना है।

लगातार सूखे का मार

इंग्लैंड का एग्रीकल्चर सेक्टर पिछले पांच सालों में तीन बार सूखे की मार झेल चुका है। इस बार जुलाई में रिकॉर्ड तोड़ सूखा पड़ा, जिसने खेती की पैदावार को काफी प्रभावित किया है। फर्टिलाइजर और एनर्जी की ऊंची कीमतों के साथ-साथ खराब मौसम के कारण फसलें बर्बाद होने से किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ऐसे में सरकार का यह कदम फूड सिक्योरिटी (food security) को राष्ट्रीय हित में एक अहम मुद्दा बनाने की ओर इशारा करता है।

आगे की राह:

हालांकि, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ थोड़े समय की आर्थिक मदद से जलवायु परिवर्तन (climate change) की चुनौती का सामना नहीं किया जा सकता। लगातार पड़ने वाली गर्मी की लहरों से आग लगने और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। यह फंड कितना कारगर साबित होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि किसान बदलते मौसम के हिसाब से अपनी पारंपरिक खेती के तरीकों को कितनी जल्दी अपना पाते हैं और पानी भंडारण के नियमों को कितनी तेजी से लागू किया जा पाता है।

एग्री-बिजनेस सेक्टर पर नजर रखने वाले निवेशक इस प्रोजेक्ट की प्रगति पर कड़ी नजर रखेंगे। यह देखना अहम होगा कि यह निवेश किसानों की आय को स्थिर करने और भविष्य के खराब मौसम में फसल की पैदावार को बचाने में कितना सफल होता है। सरकार की ओर से जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं और जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के अगले कदम भी इस क्षेत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.