तेलंगाना सरकार ने भारत का पहला AI-पावर्ड डिजिटल मार्केट यार्ड लॉन्च करने का ऐलान किया है। इस कदम का मकसद खेती के व्यापार को पूरी तरह पारदर्शी बनाना और बिचौलियों की मनमानी को खत्म करना है।
एग्री-टेक सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव
कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने 2 नवंबर 2026 को इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट की घोषणा की। राज्य सरकार 1 हफ्ते के भीतर इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देगी। यह पहल पारंपरिक मंडियों की खामियों को दूर करने के लिए लाई गई है, जहाँ अब तक हेरफेर और मैन्युअल काम की वजह से पारदर्शिता की कमी रहती थी।
कैसे काम करेगा सिस्टम?
इस सिस्टम में किसान के मंडी में पहुंचते ही उसका डिजिटल रजिस्ट्रेशन होगा। हर फसल के बैच को एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन कोड दिया जाएगा। इसके बाद:
- ऑनलाइन बिडिंग: ट्रेडर्स रियल-टाइम डेटा के आधार पर बोली लगाएंगे।
- डिजिटल पेमेंट: सेल बिल ऑटोमैटिक जनरेट होंगे और OTP के जरिए किसानों का पेमेंट सुरक्षित किया जाएगा।
चुनौतियां और अवसर
हालांकि यह एक सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, लेकिन इससे देश की एग्री-टेक और IT कंपनियों के लिए नए दरवाजे खुलेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पेमेंट गेटवे और SaaS (सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस) समाधान देने वाली कंपनियों के लिए ग्रामीण बाजार में बड़ी संभावना है।
हालांकि, सिस्टम की असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे पुरानी व्यवस्था में कैसे एकीकृत किया जाता है और पारंपरिक ट्रेडर्स इसे कितनी जल्दी अपनाते हैं। डेटा सुरक्षा और किसानों की डिजिटल साक्षरता इस प्रोजेक्ट की राह में दो सबसे बड़े पड़ाव होंगे।
