Telangana में राजनीतिक दलों का एक गठबंधन 'Land Licensed Cultivators Act, 2011' को लागू करने की मांग कर रहा है। इसका लक्ष्य **22 लाख** बटाईदार किसानों को लोन एलिजिबिलिटी कार्ड देना है, ताकि उन्हें सरकारी सहायता और बैंकों से सस्ता कर्ज मिल सके।
Telangana के राजनीतिक दल अब 'Land Licensed Cultivators Act, 2011' को तुरंत लागू करने के लिए सरकार पर दबाव बना रहे हैं। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य करीब 22 लाख बटाईदार किसान परिवारों को फॉर्मल बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना है। यदि यह मांग पूरी होती है, तो इन किसानों को बैंक लोन, खाद पर सब्सिडी और सरकारी मंडियों में फसल बेचने की सुविधा मिल सकेगी।
क्यों है यह बदलाव जरूरी?
मौजूदा समय में, सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए अक्सर जमीन मालिक के मोबाइल नंबर से वेरिफिकेशन की जरूरत होती है। पहचान न होने के कारण ये किसान औपचारिक बैंकिंग सेक्टर से बाहर हैं और इन्हें निजी साहूकारों से 24% से 36% तक की भारी ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ता है, जो उन्हें कर्ज के दुष्चक्र में फंसा देता है।
लोन कार्ड से क्या बदलेगा?
प्रस्तावित लोन कार्ड्स के जरिए वेरिफिकेशन के लिए जमीन मालिकों की निर्भरता खत्म हो जाएगी। इससे किसान न केवल उचित दरों पर कर्ज ले सकेंगे, बल्कि वे सरकार को अपना अनाज 'मिनिमम सपोर्ट प्राइस' यानी MSP पर सीधे बेच पाएंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और खेती से जुड़े इनपुट्स व उपकरणों की मांग में भी सुधार की उम्मीद है।
आगे की राह और जोखिम
राजनीतिक गठबंधन ने चेतावनी दी है कि यदि सितंबर 2026 के दूसरे सप्ताह तक पहचान प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो राज्यव्यापी प्रदर्शन किए जाएंगे। आगामी विधानसभा सत्र से पहले सरकार का रुख ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़े ट्रिगर का काम करेगा।
