तमिलनाडु सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए दूध खरीद की कीमत में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अब किसानों को ₹38 के बजाय **₹41 प्रति लीटर** की दर से भुगतान किया जाएगा। इस फैसले का सीधा असर राज्य की प्राइवेट डेयरी कंपनियों पर पड़ सकता है, जिन्हें दूध की सप्लाई बनाए रखने के लिए प्रतिस्पर्धा करनी पड़ सकती है।
दूध उत्पादकों को सीधी राहत
राज्य सरकार ने यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। नई दर के तहत, किसानों को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी में भी ₹3 से बढ़ाकर ₹5 प्रति लीटर कर दी गई है। इस कदम से राज्य के 3.16 लाख से अधिक दूध उत्पादकों को फायदा होने की उम्मीद है। सरकार इस बढ़ोतरी के लिए सालाना अतिरिक्त ₹360 करोड़ खर्च करेगी।
डेयरी कंपनियों की चिंता
हालांकि यह फैसला सीधे तौर पर राज्य द्वारा संचालित सहकारी संस्था Aavin से जुड़ा है, लेकिन इसका असर पूरे डेयरी सेक्टर पर पड़ने वाला है। Aavin की खरीद मूल्य में बढ़ोतरी अक्सर पूरे क्षेत्र के लिए एक बेंचमार्क तय करती है। ऐसे में, Hatsun Agro Product, Dodla Dairy, और Heritage Foods जैसी प्राइवेट डेयरी कंपनियों पर भी अपने खरीद भाव बढ़ाने का दबाव आ सकता है।
अगर प्राइवेट कंपनियां किसानों को बनाए रखने के लिए खरीद मूल्य बढ़ाती हैं, तो उनकी कच्ची लागत बढ़ जाएगी। यदि वे इस बढ़ी हुई लागत को उपभोक्ताओं पर रिटेल कीमतों के रूप में नहीं डाल पाती हैं, तो आने वाली तिमाहियों में उनके ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव देखने को मिल सकता है।
अन्य घोषणाएं
इसी के साथ, राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़ा जोर दिया है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 6,000 से अधिक सीटें बढ़ाने के लिए ₹351 करोड़ का आवंटन किया गया है। वहीं, पेरांबलोर में ₹300 करोड़ की लागत से 400 बेड वाले मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण भी होगा। मुख्यमंत्री की व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना की सालाना कवरेज लिमिट ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख कर दी गई है।
