Mettur Dam: तमिलनाडु के किसानों के लिए बड़ी राहत, CM विजय ने छोड़ा कावेरी डेल्टा का पानी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Mettur Dam: तमिलनाडु के किसानों के लिए बड़ी राहत, CM विजय ने छोड़ा कावेरी डेल्टा का पानी

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कावेरी डेल्टा के **12** जिलों में धान की खेती को बचाने के लिए मेट्टूर बांध से पानी छोड़ा है। कमजोर मानसून के चलते हुई देरी के बाद अब **45** दिनों के लिए पानी की आपूर्ति शुरू की गई है, जो राज्य के कृषि उत्पादन के लिए एक बड़ा कदम है।

सिंचाई की शुरुआत और डेल्टा क्षेत्र पर असर

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को मेट्टूर बांध के स्लुइस गेट खोले, जिससे कावेरी डेल्टा में सिंचाई का मौसम आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया। यह फैसला थंजावुर जैसे जिलों में धान की खेती के लिए बेहद अहम है, जिसे राज्य का 'राइस बाउल' कहा जाता है।

पानी की स्थिति और प्लानिंग

आमतौर पर पानी 12 जून को छोड़ा जाता है, लेकिन इस बार कमजोर मानसून की वजह से इसमें देरी हुई। स्टेनली जलाशय (Stanley Reservoir) में फिलहाल पानी का स्तर 91.56 फीट दर्ज किया गया है, जबकि इसकी कुल क्षमता 120 फीट है। सरकार ने 45 दिनों तक पानी छोड़ने की योजना बनाई है ताकि मौजूदा फसल चक्र की सिंचाई जरूरतों को पूरा किया जा सके।

इकोनॉमी और सुप्रीम कोर्ट की नजर

कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए पानी की उपलब्धता सीधे तौर पर चावल की कीमतों और ग्रामीण डिमांड को प्रभावित करती है। हालांकि, क्षेत्र में पानी का मुद्दा अभी भी सुलझा नहीं है। तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहा जल बंटवारे का विवाद सुप्रीम कोर्ट में है, जिसकी अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होनी है।

निवेशकों और बाजार के जानकारों के लिए यह 45 दिनों का डिस्चार्ज विंडो काफी अहम है, क्योंकि फसल की पैदावार के आंकड़े ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.