Swojas Foods को मिली ₹1.98 करोड़ की नई पूंजी!
Swojas Foods ने बाज़ार को राहत भरी खबर दी है। कंपनी ने हाल ही में 16,00,000 वॉरंट को इक्विटी शेयरों में तब्दील कर लिया है। इसके ज़रिए कंपनी ने ₹1.98 करोड़ की मोटी रकम जुटाई है। इस फंड इनफ्यूजन (Fund Infusion) के बाद, कंपनी का पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹350.63 करोड़ से बढ़कर ₹366.63 करोड़ हो गया है।
क्या हुआ और क्यों है ये ज़रूरी?
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 27 फरवरी 2026 को हुई मीटिंग में इस वॉरंट कन्वर्जन (Warrant Conversion) को मंजूरी दी। हर वॉरंट के लिए ₹12.375 की बकाया रकम का भुगतान करने पर यह ₹1.98 करोड़ जुटाए गए हैं।
नए जारी किए गए शेयर, जिनका फेस वैल्यू (Face Value) ₹10 प्रति शेयर है, मौजूदा इक्विटी शेयरों के बराबर ही माने जाएंगे और उनके सभी अधिकार भी वैसे ही होंगे।
इस पूंजी जुटाने से Swojas Foods का इक्विटी बेस (Equity Base) मजबूत हुआ है। अतिरिक्त फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने बिज़नेस ऑपरेशन्स (Business Operations) और ग्रोथ (Growth) पहलों के लिए कर सकती है। मजबूत इक्विटी बेस निवेशकों के लिए कंपनी को और आकर्षक बना सकता है। हालांकि, नए शेयर जारी होने से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी थोड़ी कम हो जाती है।
Swojas Foods की पुरानी कहानी
Swojas Foods, जिसे पहले Swojas Energy Foods Limited के नाम से जाना जाता था, पहले भारी नुकसान के चलते वालंटरी वाइंडिंग अप (Voluntary Winding Up) की प्रक्रिया से गुज़र चुकी है। कंपनी हाल के दिनों में वॉरंट के ज़रिए फंड जुटाने में सक्रिय रही है। नवंबर 2025 में, कंपनी ने ₹16.50 प्रति वॉरंट की दर से ₹79.99 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी थी। दिसंबर 2025 में ₹42.87 करोड़ के 2.59 करोड़ वॉरंट का बड़ा अलॉटमेंट (Allotment) हुआ था, जिनकी कन्वर्जन कीमत ₹12.375 प्रति वॉरंट थी और यह 18 महीनों के भीतर देय थी। मौजूदा कन्वर्जन इसी बड़ी फंड जुटाने की कवायद का हिस्सा है।
आगे क्या उम्मीद करें?
- कंपनी के शेयर कैपिटल में ₹16.00 करोड़ (1.6 मिलियन शेयर) का इज़ाफ़ा हुआ है।
- ₹1.98 करोड़ नकद आने से Swojas Foods की वित्तीय स्थिति को बल मिला है।
- नए जारी किए गए इक्विटी शेयर मौजूदा शेयरों के समान अधिकार रखते हैं।
जोखिम जिन पर नज़र रखें
कंपनी का इतिहास वित्तीय अस्थिरता से जुड़ा रहा है, जिसमें वालंटरी वाइंडिंग अप का दौर भी शामिल है। कंपनी की बैलेंस शीट (Balance Sheet) को कमजोर माना जाता है और उसे सॉल्वेंसी (Solvency) से जुड़ी समस्याएँ हो सकती हैं। बाकी बचे वॉरंट के भविष्य में होने वाले कन्वर्जन से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी और कम हो सकती है।
आगे ट्रैक करें
- नए जारी किए गए 16,00,000 इक्विटी शेयरों की लिस्टिंग और ट्रेडिंग के लिए स्टॉक एक्सचेंज की मंज़ूरी पर नज़र रखें।
- बड़ी फंड जुटाने की योजना के तहत जारी किए गए बाकी वॉरंट के भविष्य के कन्वर्जन पर नज़र रखें।
- पूंजी जुटाने के बाद कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और बैलेंस शीट की मजबूती पर नज़र बनाए रखें।
